Q1. लोकतंत्र किस तरह उत्तरदायी, जिम्मेवार और वैध सरकार का गठन करता है?
उत्तर : लोकतंत्र में लोगों को अपनी सरकार का चुनाव करने का अधिकार होता है, और जो उम्मीदवार चुना जाता है, उसे लोगों की मांगों को पूरा करने में सक्षम माना जाता है। लोकतंत्र में फैसले भी कुछ कायदे-कानून के अनुसार ही लिए जाते है और कोई भी नागरिक यह सूचना प्राप्त करने का अधिकार रखता है। लोकतंत्र नागरिकों को उस प्रक्रिया की जांच करने का अधिकार देकर जवाबदेह, उत्तरदायी और वैध सरकार का निर्माण करता है जिसके द्वारा निर्णय किए जाते हैं। ये निर्णय मानदंडों और प्रक्रियाओं के अनुसार किए जाते हैं जो निर्णय लोगों को अधिक स्वीकार्य बनाते हैं।
Q2. लोकतंत्र किन स्थितियों में सामाजिक विविधता को सँभालता है और उनके बीच सामंजस्य बैठाता है।
उत्तर : लोकतंत्र केवल बहुमत का शासन नहीं है, और बहुमत का शासन केवल एक धार्मिक या सामाजिक समुदाय का नियम नहीं है। लोकतांत्रिक व्यवस्थाएं कई तरह के सामाजिक विभाजनों को सँभालती हैं। कोई भी समाज अपने विभिन्न समूहों में टकराव पूरी तरह से ख़त्म नहीं कर सकता लेकिन बातचीत से सामंजस्य बैठाने का तरीका निकाल सकते है और यह काम लोकतंत्र कर सकता है।
Q3.निम्नलिखित कथनों के पक्ष या विपक्ष में तर्क दें.
●औद्योगिक देश ही लोकतांत्रिक व्यवस्था का भार उठा सकते हैं पर गरीब देशों को आर्थिक विकास करने के लिए तानाशाही चाहिए।
उत्तर : औद्योगिक देश ही लोकतांत्रिक व्यवस्था का भार उठा सकते हैं पर गरीब देशों को आर्थिक विकास करने के लिए तानाशाही चाहिए। यह कथन गलत है तानाशाही से कोई भी देश अमीर नहीं बन सकता। इसे हम अपने देश के उदाहरण से समझ सकते है। 1947 में, भारत को तीसरे विश्व देशों में शामिल किया गया था, लेकिन अब, यह दुनिया में तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है।
●लोकतंत्र अपने नागरिकों के बीच की असमानता को कम नहीं कर सकता।
उत्तर: लोकतंत्र विभिन्न नागरिकों के बीच की असमानता को कम नहीं कर सकता है। यह कथन गलत है। सरकार और अन्य नीतियाँ सभी के लिए बनाई गयी है। लोकतंत्र सभी नागरिकों को समान अधिकार प्रदान करता है पर इन नियमों का पालन सख्ती से होना चाहिए।
●गरीब देशों की सरकार को अपने ज्यादा संसाधन गरीबी को कम करने और आहार, कपड़ा, स्वास्थ्य तथा शिक्षा पर लगाने की जगह उद्योगों और बुनियादी आर्थिक ढाँचे पर खर्च करने चाहिए।
उत्तर: गरीब देशों में, लोग स्वास्थ्य और शिक्षा सेवाओं का खर्च नहीं उठा सकते हैं। ऐसे में सरकार को उनकी मदद करनी चाहिए न की अपने संसाधन उद्योगों और बुनियादी आर्थिक ढांचों को मजबूत करने में।
●नागरिकों के बीच आर्थिक समानता अमीर और गरीब, दोनों तरह के लोकतान्त्रिक देशों में है।
उत्तर: आर्थिक समानता दोनों ही तरह के देशों में नहीं हैं। हर देश में कुछ हिस्सों में लोग बिल्कुल गरीब है तो कुछ हिस्सों में लोग अमीर। अमीरी और गरीबी के बीच की यह दीवार कभी
खत्म न होने वाली है।
●लोकतंत्र में सभी को एक ही वोट का अधिकार है। इसका मतलब है कि लोकतंत्र में किसी तरह का प्रभुत्व और टकराव नहीं होता।
उत्तर: लोकतंत्र में सभी को एक ही वोट का अधिकार है। इसका मतलब है कि लोकतंत्र में किसी तरह का प्रभुत्व और टकराव नहीं होता। यह कथन गलत है क्योंकि टकराव को केवल एक आदर्श स्थिति में ही समाप्त किया जा सकता है। वास्तविक लोकतंत्रों में, हालांकि प्रत्येक व्यक्ति के पास एक वोट होता है, लेकिन लोगों के बीच विभाजन होते हैं। ये विभाजन टकराव का कारण बनते हैं।
Q4. नीचे दिए गए ब्योरों में लोकतंत्र की चुनौतियों की पहचान करें। ये स्थितियाँ किस तरह नागरिकों के गरिमापूर्ण, सुरक्षित और शांतिपूर्ण जीवन के लिए चुनौती पेश करती हैं । लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए नीतिगत-संस्थागत उपाय भी सुझाएँ:
• उच्च न्यायालय के निर्देश के बाद ओड़िसा में दलितों और गैर-दलितों के प्रवेश के लिए अलग-अलग दरवाजा रखने वाले एक मंदिर को एक ही दरवाजे से सबको प्रवेश की अनुमति देनी पड़ी।
उत्तर : पहले कथन में लोकतंत्र के लिए चुनौती यह है कि वह अपने सभी नागरिकों को उनकी जाति के बावजूद समान अधिकार प्रदान करे। जाति के आधार पर लोगों के साथ भेदभाव होता है तो लोकतंत्र को कुछ कठोर नियम बनाकर जाति व्यवस्था को खत्म करना चाहिए।
• भारत के विभिन्न राज्यों में बड़ी संख्या में किसान आत्महत्या कर रहे हैं।
उत्तर: किसान जब कर्ज में डूब जाता है या अपनी आजीविका के लिए पर्याप्त साधन नहीं जुटा पाता तब वह आत्महत्या का रास्ता चुनता हैं। ऐसे में लोकतंत्र के लिए यह एक चुनौती है कि वह किसान को मदद उपलब्ध कराए। किसानों को सब्सिडी प्रदान की जाये जो उन्हें मुनाफा कमाने और आजीविका का संतोषजनक स्तर प्रदान करने में मदद करेगा। कृषि के संसाधन आसानी से और कम दामों पर उपलब्ध कराये जाये।
• जम्मू-कश्मीर के गंड़वारा में मुठभेड़ बताकर जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा तीन नागरिकों की हत्या करने के आरोप को देखते हुए इस घटना के जाँच के आदेश दिए गए।
उत्तर: लोकतंत्र की चुनौती पुलिस पर लोगों के भरोसे को बनाए रखना है। नेता और बड़े अफसर अपने हित के लिए अपनी शक्तियों का गलत उपयोग करते है और इसका नुकसान आम जनता को होता हैं| लोकतंत्र में सभी के लिए अधिकार बराबर होते है इसलिए कानून का पालन भी सभी के लिए समान होना चाहिए।
Q5. लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं के संदर्भ में इनमें से कौन-सा विचार सही है- लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं ने सफलतापूर्वक
• लोगों के बीच टकराव को समाप्त कर दिया है।
• लोगों के बीच को आर्थिक असमानताएँ समाप्त कर दी हैं।
• हाशिए के समूहों से कैसा व्यवहार हो, इस बारे में सारे मतभेद मिटा दिए हैं।
• राजनीतिक गैर बराबरी के विचार को समाप्त कर दिया है।
उत्तर : लोगों के बीच टकराव को समाप्त कर दिया है।
Q6. लोकतंत्र के मूल्यांकन के लिहाज से इनमें कोई एक चीज़ लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं के अनुरूप नहीं है। उसे चुनें:
(क) स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव
(ख) व्यक्ति की गरिमा
(ग) बहुसंख्यकों का शासन
(घ) कानून से समक्ष समानता
उत्तर : (ग) बहुसंख्यकों का शासन
Q7. लोकतांत्रिक व्यवस्था के राजनीतिक और सामाजिक असमानताओं के बारे में किए गए अध्ययन बताते है कि-
•लोकतंत्र और विकास साथ ही चलते हैं।
•लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं में असमानताएँ बनी रहती हैं।
•तानाशाही में असमानताएँ नहीं होती।
•तानाशाहियाँ लोकतंत्र से बेहतर साबित हुई हैं।
उत्तर : लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं में असमानताएँ बनी रहती हैं।
Q8. नीचे दिए गए अनुच्छेद को पढ़ें: नन्नू एक दिहाड़ी मजदूर है। वह पूर्वी दिल्ली की एक झुग्गी दस्ती वेलकम मजदूर कॉलोनी में रहता है। उसका राशन कार्ड गुम हो गया और जनवरी 2006 में उसने डुप्लिकेट राशन कार्ड बनाने के लिए अर्जी दी। अगले तीन महीनों तक उसने राशन विभाग के दफ्तर के कई चक्कर लगाए लेकिन वहाँ तैनात किरानी और अधिकारी उसका काम करने या उसके अर्जी की स्थिति बताने की कौन कहे उसको देखने तक के लिए तैयार न थे। आखिरकार उसने सूचना के अधिकार का उपयोग करते हुए अपनी अर्जी की दैनिक प्रगति का ब्यौरा देने का आवेदन किया। इसके साथ ही उसने इस अर्जी पर काम करने वाले अधिकारियों के नाम और काम न करने की सूरत में उनके खिलाफ होने वाली कार्रवाई का ब्यौरा भी माँगा। सूचना के अधिकार वाला आवेदन देने के हफ्ते भर के अंदर खाद्य विभाग का एक इंस्पेक्टर उसके घर आया और उसने नन्नू को बताया कि तुम्हारा राशन कार्ड तैयार है और तुम दफ़्तर आकर उसे ले जा सकते हो। अगले दिन जब नन्नू राशन कार्ड लेने गया तो उस इलाके के खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के सबसे बड़े अधिकारी ने गर्मजोशी से उसका स्वागत किया। इस अधिकारी ने उसे चाय की पेशकश की और कहा कि अब आपका काम हो गया है इसलिए सूचना के अधिकार वाला अपना आवेदन आप वापस ले लें | नन्नू का उदाहरण क्या बताता है? नत्रू के इस आवेदन का अधिकारियों पर क्या असर हुआ? अपने माँ-पिताजी से पूछिए कि अपनी समस्याओं के लिए सरकारी कर्मचारियों के पास जाने का उनका अनुभव कैसा रहा।
उत्तर : नन्नू के उदाहरण से हमें पता चलता है कि भारत में हर नागरिक को कुछ अधिकार प्राप्त है और जरुरत पड़ने पर हम इन अधिकारों का उपयोग कर सकते हैं | जब नन्नू की अर्जी पर अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया तो नन्नू ने अपने सुचना के अधिकार का उपयोग किया और उसकी समस्या का समाधान भी उसे मिला | नन्नू के आवेदन से अधिकारियों पर दबाव पड़ा और उन्हें नन्नू की अर्जी पर काम करना पड़ा। अधिकारियों ने नन्नू का डुप्लीकेट राशन कार्ड बनाया और उसे अपना सुचना के अधिकार वाला आवेदन वापस लेने के लिए कहा।
