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class 12 geography manav bhugol ke mul siddhant chapter 3 solution hindi

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3) जनसंख्या संघटन


प्र० 1. नीचे दिए गये चार विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए।
(i) निम्नलिखित में से किसने संयुक्त अरब अमीरात के लिंग अनुपात को निम्न किया है?
(क) पुरुष कार्यशील जनसंख्या का चयनित प्रवास।
(ख) पुरुषों की उच्च जन्मदर।
(ग) स्त्रियों की निम्न जन्मदर।
(घ) स्त्रियों का उच्च उत्प्रवास।

(ii) निम्नलिखित में से कौन-सी संख्या जनसंख्या के कार्यशील आयुवर्ग का प्रतिनिधित्व करती है?
(क) 15 से 65 वर्ष
(ख) 15 से 66 वर्ष
(ग) 15 से 64 वर्ष
(घ) 15 से 59 वर्ष

(iii) निम्नलिखित में से किस देश का लिंग अनुपात विश्व में सर्वाधिक है?
(क) लैटविया
(ख) जापान
(ग) संयुक्त अरब अमीरात
(घ) फ्रांस

उत्तर:
(i) (क) पुरुष कार्यशील जनसंख्या का चयनित प्रवास।।
(ii) (घ) 15 से 59 वर्ष।
(iii) (क) लैटविया

प्र० 2. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 30 शब्दों में दीजिए|

(i) जनसंख्या संघटन से आप क्या समझते हैं?

उत्तर:- किसी देश/प्रदेश में निवास करने वाली जनसंख्या में स्त्रियों-पुरुषों की संख्या, लिंग अनुपात, आयु वर्ग संरचना, उनके व्यवसाय, शिक्षा का स्तर, जीवन-प्रत्याशा तथा आवासों के आधार पर दूसरों से पृथक विशिष्ट जनांकिकीय विशेषताओं को जनसंख्या संघटने कहते हैं।

(ii) आयु-संरचना का क्या महत्त्व है?

उत्तर: किसी देश की जनसंख्या को विभिन्न आयु वर्गों में रखकर यह ज्ञात किया जाता है कि उस देश की कितनी जनसंख्या कार्यशील जनसंख्या है जो अलग-अलग व्यवसायों में संलग्न है तथा कितनी जनसंख्या उन पर आश्रित है, जो अंततः देश के विकास को इंगित करता है।

प्र० 3. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर 150 शब्दों से अधिक में न दें

(i) जनसंख्या के ग्रामीण-नगरीय संघटन का वर्णन कीजिए।

उत्तर: विश्व के विभिन्न देशों में ग्रामीण और नगरीय जनसंख्या को मापने के अलग-अलग मापदंड हैं। सामान्यतः ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकांश लोग प्राथमिक क्रियाओं जैसे-कृषि, वानिकी, मत्स्यन तथा खनन आदि व्यावसायिक गतिविधियों में संलग्न रहते हैं जबकि नगरीय क्षेत्रों में अधिकांश लोग गैर-प्राथमिक (द्वितीयक व तृतीयक) क्रियाओं जैसे-विनिर्माण, निर्माण, व्यावसायिक परिवहन सेवाओं, संचार तथा अन्य अवर्गीकृत सेवाओं के अलावा अनुसंधान व वैचारिक विकास से जुड़े कार्यों में संलग्न रहते हैं। ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों में आयु-लिंग संघटन, व्यावसायिक संरचना, जनसंख्या का घनत्व, विकास का स्तर व रहन-सहने की दशाएँ अलग-अलग होते हैं। पश्चिमी देशों के ग्रामीण क्षेत्रों में पुरुष-लिंग-अनुपात अधिक है जबकि नगरीय क्षेत्रों में स्त्री-लिंग अनुपात अधिक है। इसके विपरीत एशिया के देशों-नेपाल, पाकिस्तान व भारत में स्थिति बिल्कुल उलट हैं। यूरोप, संयुक्त राज्य अमेरिका व कनाडा में रोजगार के अधिक अवसरों के कारण स्त्रियाँ नगरीय क्षेत्रों की ओर प्रवास करती हैं जबकि कृषि वहाँ पर अत्यधिक मशीनीकृत होने के कारण पुरुष प्रधान व्यवसाय है। इसके विपरीत भारत जैसे एशियाई देशों में कृषि कार्यों में महिलाओं की सहभागिता काफी ऊँची है और पुरुष जनसंख्या नगरों की ओर प्रवास/पलायन करती है। भारत जैसे देशों के नगरों में आवासों की कमी, रहन-सहन की उच्च लागत, महिलाओं के लिए रोजगार के कम अवसर तथा सुरक्षा की कमी महिलाओं को गाँव से नगरों की ओर प्रवास करने से रोकते हैं। इस तरह विश्व स्तर पर ग्रामीण-नगरीय संघटन में व्यापक भिन्नता पायी जाती है। यूरोप में 2500 से अधिक जनसंख्या वाले क्षेत्र नगरीय क्षेत्र की श्रेणी में आते हैं वहीं भारत में 5000 से अधिक जनसंख्या वाले क्षेत्र नगरीय कहलाते हैं।


(ii) विश्व के विभिन्न भागों में आयु-लिंग में असंतुलन के लिए उत्तरदाई कारकों तथा व्यावसायिक संरचना की विवेचना कीजिए।

उत्तर: जनसंख्या की आयु-लिंग संरचना का आशय विभिन्न आयु वर्गों में स्त्रियों और पुरुषों की संख्या से है। इसे जनसंख्या पिरामिड के द्वारा दर्शाया जाता है। विश्व के विभिन्न भागों में विभिन्न आयु वर्गों में लिंग अनुपात समान नहीं है। रूस सहित यूरोप के कुछ देशों में प्रति हजार पुरुषों पर स्त्रियों की संख्या अधिक है। संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा सूचीबद्ध 139 देशों में लिंग अनुपात स्त्रियों के अनुकूल है। जबकि शेष 72 देशों में प्रति हजार पुरुषों पर स्त्रियों की संख्या कम होने से उनके लिए प्रतिकूल दशाएँ विद्यमान हैं। ऐसा निम्न कारणों से होता है-
1. जिन देशों/प्रदेशों में लिंग-भेद अनियंत्रित है, वहाँ लिंग अनुपात प्रत्येक आयु वर्ग में निश्चित रूप से स्त्रियों के लिए प्रतिकूल है।
2. जिन देशों/प्रदेशों में स्त्री भ्रूणहत्या, स्त्री शिशुहत्या और स्त्रियों के प्रति घरेलू हिंसा प्रचलित है वहाँ भी स्त्रियों की संख्या प्रत्येक आयु-वर्ग में पुरुषों की तुलना में कम है।
3. जिन क्षेत्रों में स्त्रियों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति दयनीय है, वे रोज़गारोन्मुख नहीं हैं वहाँ भी स्त्रियों की संख्या प्रत्येक आयु वर्ग में पुरुषों की तुलना में कम है।
4. व्यावसायिक संरचना का अवलोकन करने से ज्ञात होता है कि कार्यशील जनसंख्या 15 से 59 आयु वर्ग में स्त्रियों और पुरुषों के अनुपात में विश्व के विभिन्न देशों में भारी अंतर देखने को मिलता है। विकसित देशों में स्त्री साक्षरता दर तथा उनके रोजगारोन्मुख होने की दर विकासशील व अल्पविकसित देशों की तुलना में अधिक है। उनके स्वास्थ्य व रहन-सहन की दशाएँ भी अच्छी हैं। वे उन सभी सुख-सुविधाओं का उपभोग
करती हैं जिनका उपभोग पुरुष कर रहे हैं।

एक अंक वाले अति लघु प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1विश्व में निम्नतम लिंग अनुपात किस देश का है ? इसका एक प्रमुख कारण बताइए ? ) में

उत्तर : संयुक्त अरब अमीरात (468-1000)। कारण पुरूष कार्यशील जनसंख्या का चयनित प्रवास।

प्रश्न 2. विश्व के अधिकांश विकसित देशों में जनसंख्या में बच्चों का अनुपात लगातार घट रहा है। एक कारण दीजिए।

उत्तर : जन्मदर में लगातार हास का होना।


प्रश्न 3. विश्व में सबसे अधिक लिंगानुपात किस देश का है ?

उत्तर : लैटिविया (1187/1000)।


प्रश्न 4. आयु संरचना को जनसंख्या संघटन का एक महत्वपूर्ण सूचक क्यों माना जाता है ? एक कारण दीजिए।

उत्तर : जनसंख्या अनुमान के लिए विभिन्न आयु वर्ग के लोगों की संख्या जानने के लिए तथा भविष्य में योजना प्रक्रिया में मदद के लिए।


प्रश्न 5. हासमान जनसंख्या पिरामिड की प्रमुख विशेषता क्या है ?

उत्तर : जन्म दर व मृत्युदर दोनो ही निम्न है जिसके कारण जनसंख्या वृद्धि ऋणात्मक होती है। जैसे : जापान।

प्रश्न 6. विस्तारित होती जनसंख्या के पिरामिड की एक प्रमुख विशेषता बताइए।

उत्तर : उच्च जन्म दर जिसके कारण निम्न आयुवर्गों में विशाल जनसंख्या पाई। जाती है। जैसे : नाइजीरिया, बांग्लादेश व मैक्सिको।


प्रश्न 7. वृद्ध होती जनसंख्या से क्या तात्पर्य है ?

उत्तर : जनसंख्या का वृद्ध होना एक ऐसी प्रक्रिया है जिससे बुजुर्ग जनसंख्या का हिस्सा अनुपात की दृष्टि से बडा हो जाता है विश्व के अधिकांश देशों में उच्च जीवन प्रत्याशा एवं निम्न जन्मदर के कारण उच्च आयु वर्गों की जनसंख्या बढ़ी है ।

प्रश्न 8. आयुलिंग पिरामिड / संरचना का अभिप्राय स्पष्ट कीजिए।

उत्तर : जनसंख्या की आयु लिंग संरचना का अभिप्राय विभिन्न आयु वर्गों में स्त्रियों व पुरूषों की संख्या से है। पिरामिड का प्रयोग जनसंख्या की आयुलिंग संरचना को दर्शाने के लिए किया जाता है।

प्रश्न 9. लिंगानुपात क्या है ? इसका सूत्र लोखो ।

उत्तर : प्रति हजार पुरूषों पर स्त्रियों की संख्या लिंगानुपात कहलाता है।

प्रश्न 10. विश्व के कितने देशो में लिंगानुपात अनुकूल है व कितने देशों में प्रतिकूल है ?

उत्तर : अनुकूल – 139 देशों में
प्रतिकूल – 72 देशों में पक्ष


प्रश्न 11यूरोप के कुछ देशों में लिंगानुपात स्त्रियों के पक्ष में क्यों पाया जाता है ?

उत्तर : 1) यूरोप के कुछ देशों में महिलाओं का सामाजिक आर्थिक स्तर बेहतर है।
2) पुरूष जनसंख्या के उत्प्रवास के कारण

तीन अंक वाले प्रश्न

प्रश्न 12. जनसंख्या संघटन से आप क्या समझते हैं ?

उत्तर:- • जनसंख्या संघटन जनसंख्या की उन विशेषताओं को प्रदर्शित करता
है जिसमें आयु व लिंग का विशलेषणनिवास का स्थान जनजातियाँ, भाषा, धर्म, साक्षरता, व्यवसायिक विशेषताएँ आदि का
अध्ययन किया जाता है।
• इसके अन्तर्गत ग्रामीण नगरीय संघटन व उनकी विशेषताओं का भी अध्ययन किया जाता है।
• किसी देश के भावी विकास की योजनाओं को बनाने तथा निश्चित करने में जनसंख्या संघटन का महत्वपूर्ण योगदान है।

प्रश्न 13.विश्व के विभिन्न भागों में आयु-लिंग में असन्तुलन के लिए उत्तरदायी कारको का वर्णन कीजिए।

उत्तर : आयुलिंग असन्तुलन के लिए उत्तरदायी कारको :-
1. – विकासशील देशों में मृत्यु दर अधिक होने के कारण लिंग अनुपात में असन्तुलन उत्पन्न हो जाता है। पुरूष जन्म स्त्री जन्म से अधिक होता है और समाज में स्त्रियों को गौण समझा जाता है।
2. प्रवास – प्रवास के कारण भी उद्भव व गन्तव्य दोनो में लिंगानुपात प्रभावित होता है। रोजगार व शिक्षा के कारण पुरूष प्रवास अत्याधिक होता है।
3. ग्रामीण व नगरीय जीवन – गाँव के लोग रोजगार व सुविधाओं के कारण नगरों में जाकर बस जाते हैं जिससे नगरीय जीवन में
लिंगानुपात में अन्तर आ जाता है।
4. सामाजिक आर्थिक स्थिति – जिन देशों में स्त्रियों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति दयनीय है वहाँ भी स्त्रियों की संख्या प्रत्येक आयुवर्ग में पुरूषों की तुलना में कम है।

प्रश्न 14. प्रतिकूल लिंग अनुपात तथा अनुकूल लिंग अनुपात में अंतर स्पष्ट कीजिए।

उत्तर : प्रतिकूल लिंग अनुपात – जिन देशों में पुरूषों की तुलना में स्त्रियों की संख्या कम होती है वहाँ स्त्रियों के लिए निश्चित रूप से प्रतिकूल परिस्थितयाँ होती है। स्त्री भ्रूणहत्या, स्त्री शिशु हत्या स्त्रियों के प्रति व घरेलू हिंसा के कारण ऐसा होता है। विश्व के 72 देश इसी श्रेणी में आते

अनुकूल लिंग अनुपात – जिन देशों में पुरूषों की तुलना में स्त्रियों की संख्या अधिक होती है, वहाँ स्त्रियाँ निश्चित रूप से अनुकूल स्थिति में है। स्त्री शिक्षारोजगार तथा इनके जीवन के विकास की अनुकूल दशाएँ तथा
सरकारी नीतियाँ स्त्रियों के अनुकूल होने के कारण ऐसा होता है। विश्व के 139 देश इसी श्रेणी में आते हैं।


प्रश्न 15 . ‘व्यवासायिक संरचना के विभिन्न खण्डों में कार्यरत जनसंख्या का अनुपात किसी राष्ट्र के आर्थिक स्तरों का एक अच्छा सूचक है कथन के समर्थन में उचित तर्क दीजिए।

उत्तर : यह कथन सत्य है क्योंकि
• केवल उद्योगों तथा अवसंरचना से युक्त विकसित अर्थव्यवस्था में ही द्वितीयक , तृतीयक व चतुर्थक सेक्टरों में अधिक कर्मी समायोजित हो सकते हैं।
• यदि अर्थव्यवस्था अविकसित या आदिम अवस्था में है तो प्राथमिक क्रियाओं में संलग्न लोगों का अनुपात अधिक होगा।
• ऐसी अवस्था में मात्र प्राकृतिक संसाधनों का विदोहन होता है।


प्रश्न 16. किसी देश में साक्षर जनसंख्या का अनुपात उसके सामाजिक आर्थिक विकास का सूचक होता है ‘कैसे ? उचित कारकों द्वारा स्पष्ट कीजिए।
या
संसार के विभिन्न देशों के बीच साक्षरता दर में बडी असमानता क्यों है ? कारण बताइए

उत्तर : साक्षरता दर किसी भी देश की जनसंख्या का गुणात्मक पहलू है और किसी
भी देश में साक्षर जनसंख्या का अनुपात उसके सामाजिक व आर्थिक विकास का सूचक होता है क्योंकि साक्षरता दर को निम्नलिखित कारक प्रभावित करते हैं।

• आर्थिक विकास का स्तर :- अल्पविकसित अर्थव्यवस्था वाले देशों में साक्षरता की निम्न दर तथा उन्नत नगरीय अर्थव्यवस्था वाले देशों में उच्च साक्षरता दर पाई जाती है।

• नगरीकरण :- जिन प्रदेशों में जनसंख्या का अधिकांश भाग नगरों में निवास करता है वहाँ साक्षरता दर ऊंची है जैसे यूरोप के देश। लेकिन जिन देशों में ग्रामीण जनसंख्या का प्रतिशत अधिक है वहां साक्षरता दर निम्न है।

•महिलाओं की सामाजिक स्थिति :- कृषि आधारित अर्थव्यवस्थाओं
में महिलाओं की स्थिति गौण होती है इसलिए महिला साक्षरता दर। निम्न पाई जाती है जबकि औद्योगिक अर्थव्यवस्था वाले देशों में महिलाओं में साक्षरता दर उच्च होती है।

प्रश्न 20. जनसंख्या की व्यवसायिक संरचना का क्या अर्थ है ? विश्व में पाये जाने वाले व्यवसायिक संरचना के चार प्रमुख वर्गों की उदाहरण सहित व्याख्या कीजिए ?

उत्तर : व्यवसायिक संरचना :- किसी निश्चित आर्थिक कार्य के अन्तर्गत लगी।
सक्रिय जनसंख्या के अनुपातिक वितरण को व्यवसायिक संरचना करते है। प्रमुख वर्ग हैं।
• प्राथमिक व्यवसाय के अन्तर्गत आखेटकृषि वानिकीमत्स्य पालन तथा खनन।
• द्वितीयक व्यवसाय के अन्तर्गत विनिर्माण उद्योग एंव शक्ति उत्पादन।
• तृतीयक व्यवसाय के अन्तर्गत परिवह, संचार, बैकिंग तथा अन्य सेवाए।
• चतुर्थक व्यवसाय के अन्तर्गत अधिक बौद्धिकता व्यवसाय सम्मिलित। किए जाते है जिनका कार्य चिंतन-शोध तथा विचारों का विकास करना है।

प्रश्न 21. शिक्षा व रोजगार के बढ़ते अवसरों ने किस प्रकार आय व लिंगानुपात को प्रभावित किया है? स्पष्ट किजिए ।

उत्तर : शिक्षा व रोजगार के बढ़ते अवसर जहाँ एक और विकास को दर्शाते हैं वही दूसरी ओर यह प्रवास के महत्वपूर्ण कारक है।

1. शिक्षा व रोजगार के बढ़ते अवसरों के कारण पुरूष जनसंख्या अत्याधिक प्रवास करती है जिसके कारण आयु व लिंग संरचना में गम्भीर असन्तुलन पैदा हो जाते हैं।

2. गन्तव्य स्थानों पर पुरूष जनसंख्या तथा 20-60 वर्ष की आयु के लोग अधिक हो जाते हैं अर्थात् उत्पादक जनसंख्या जबकि उदगम , क्षेत्रों में आश्रित जनसंख्या व स्त्री जनसंख्या बढ़ जाती है।

3. पुरूषों में प्रवास की अधिकता शिक्षा व रोजगार के बढ़ते अवसरों का ही परिणाम है। जैसे संयुक्त अरब अमीरात में लिंगानुपात 468/ 1000 प्रवासी पुरूषों के ही कारण प्रतिकूल है और इसी प्रकार | की प्रतिकूलता दिल्ली व मुंबई जैसे शहरों में भी देखी जा सकती है।

प्रश्न 22. किसी क्षेत्र का लिंगानुपात उस क्षेत्र की सामाजिक व आर्थिक स्थिति का सूचक है। इस कथन को उचित तक द्वारा स्पष्ट कीजिए।

उत्तर: जनसंख्या में स्त्रियों व पुरूषों की संख्या के बीच के अनुपात लिंगानुपात कहते हैं। किसी भी क्षेत्र का लिंगानुपात उस क्षेत्र की सामाजिक व
आर्थिक स्थिति का सूचक है क्योंकि:-

1) जिन क्षेत्रों में लिंग भेदभाव अनियन्त्रित होता है वहाँ लिंगअनुपात | निश्चित रूप से स्त्रियों के प्रतिकूल होता है।

2) जिन देशों क्षेत्रों में स्त्री भूण हत्या, स्त्री शिशु हत्या व स्त्रियों के प्रति घरेलू हिंसा की प्रथा प्रचलित है वहाँ लिंगानुपात निश्चित ही स्त्रियों के प्रतिकूल होगा।

3) इसका मुख्य कारण वहाँ की स्त्रियों या समाज का गिरता आर्थिक स्तर है जिसके कारण समाज साक्षर नही हो पाता और स्त्रियों के प्रति जागरूक नहीं हो पाता।

प्रश्न 23. ‘नगरों में आवास की कमी, रहन-सहन की उच्च लागत रोजगार के अवसरों की कमी और सुरक्षा की कमी महिलाओं के गाँव से नगरीय क्षेत्रों में प्रवास को रोकते हैं। इस कथन से आप कहाँ तक सहमत हैं। स्पष्ट कीजिए।

उत्तर : • यह कथन बिल्कुल सत्य है। ग्रामीण व नगरीय लिंग संघटन को प्रभावित करने में ये सभी कारक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। भारत जैसे देशों में नगरीय क्षेत्रों में पुरूष प्रधान प्रवास के कारण लिंग अनुपात पुरूषों के अनुकूल है ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि कार्यों में महिलाओं की सहभागिता काफी ऊंची है इसलिए स्त्री प्रधान प्रवास कम हैं।

• विकासशील देशों में नगरों में आवास की कमी व सुरक्षा के कारण महिलाओं का प्रवास कम है। और रहन-सहन की उच्च लागत भी इसे कम कर देती है।

प्रश्न 24. आयु संरचना जनसंख्या की किन विशेषताओं को दर्शाती है।

उत्तर : • आयु संरचना विभिन्न आयु वर्गों में लोगों की संख्या को प्रदर्शित करती है। इसी के आधार पर यह ज्ञात किया जा सकता है कि विभिन्न आयु वर्गों में लोगों का कितना प्रतिशत है।

• यदि जनसंख्या में 0-14 आयु वर्ग की जनसंख्या अधिक है तो आश्रित जनसंख्या का अनुपात अधिक होगा। जिसके कारण आर्थिक विकास धीमा होगा।

• 59 – 15 वर्ष की आयु में अधिक जनसंख्या होने पर कार्यशील अथवा अर्जक जनसंख्या अधिक होने की संभावना होती है जो देश के
संसाधनों के दोहन करने में सहायक होती है।

• 60 वर्ष के ऊपर की आय संरचना वर्ग में बढ़ती हुई जनसंख्या से । वृद्धों की देखभाल पर अधिक व्यय होने का संकेत मिलता है।
उपरोक्त तथ्यों से स्पष्ट है कि जनसंख्या के जनांकिकीय निर्धारक के रूप में आयु संरचना का अध्ययन बहुत महत्वपूर्ण है।


पाँच अंक वाले प्रश्न

प्रश्न 25. संसार के ग्रामीण और नगरीय जनसंख्या संघटन का उदाहरणों सहित वर्णन कीजिए।

उत्तर : संसार के ग्रामीण व नगरीय जनसंख्या संघटन के महत्वपूर्ण बिन्दु निम्न
है।

• जनसंख्या का ग्रामीण और नगरीय विभाजन निवास के आधार पर होता है।

• ग्रामीण व नगरीय जीवन आजीविका और सामाजिक दशाओं में एक दूसरे से भिन्न होता है।

• विश्व की अधिकांश जनसंख्या ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करती है।

• ग्रामीण व नगरीय क्षेत्रों में आयु लिंग संघटन व्यवसायिक संरचना जनसंख्या का घनत्व तथा विकास का स्तर अलग-अलग होता है।

• नगरीय क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों की अधिक संभावनाओं के कारण, ग्रामीण क्षेत्रों से स्त्रियों के प्रवास के परिणामस्वरूप पश्चिमी यूरोप व कनाडा में नगरीय क्षेत्रों में पुरूष प्रधान प्रवास के कारण पुरूषों की अधिकता है।

• नगरीय क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों की अधिक संभावनाओं के कारण ग्रामीण क्षेत्रों से स्त्रियों के प्रवास के परिणामस्वरूप पश्चिमी यूरोप व कनाडा में नगरीय क्षेत्रों में पुरूष प्रधान प्रवास के कारण पुरूषों की अधिकता है।

• ग्रामीण क्षेत्रों से नगरीय क्षेत्रों में प्रवास से नगरीय क्षेत्रों में जनसंख्या लगातार बढ़ रही है।

प्रश्न 26. विश्व की जनसंख्या का औसत लिंग अनुपात कितना है? विश्व में लिंग अनुपात स्त्रियों के प्रतिकूल होने के तीन कारण बताइए। स्त्रियों के प्रतिकूल एंव अनुकूल लिंग अनुपात वाले अधिकतर देश क्रमशः किस महाद्वीप में है ?

उत्तर : विश्व की जनसंख्या का औसत लिंग अनुपात प्रति हजार पुरूषों पर 990 स्त्रियां हैं।

• लिंग अनुपात स्त्रियों के प्रतिकूल होने के प्रमुख कारण निम्न हैं।
(क) स्त्री-भ्रूण हत्या।
(ख) स्त्रियों के प्रति घरेलू हिंसा।
(ग) स्त्रियों के सामाजिक आर्थिक स्तर का निम्न होना।

• प्रतिकूल लिंगानुपात वाला महाद्वीप-एशिया
• अनुकूल लिंगानुपात वाला महाद्वीप-यूरोप

प्रश्न 27. कनाडा व फिनलैंड जैसे विकसित देशों में ग्रामीण नगरीय लिंग संघटन जिम्बाब्वे और नेपाल के ग्रामीण नगरीय लिंग अनुपात से किस प्रकार भिन्न है। इस भिन्नता के उत्तरदायी कारणों को स्पष्ट
कीजिए।

उत्तरः 1) कनाडा व फिनलैंड जैसे देशों में ग्रामीण क्षेत्रों में स्त्रियों की अपेक्षा पुरूषों की संख्या अधिक है। जबकि नेपाल व जिम्बाब्वे जैसे देशों में ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की संख्या अधिक होती है।

2) कनाडा व फिनलैंड जैसे विकसित देशों में नगरों में पुरूषों की अपेक्षा स्त्रियों की संख्या अधिक है जबकि नेपाल व जिम्बावें जैसे
विकासशील देशों में स्थिति विपरीत है। वहाँ नगरों में पुरूषों की संख्या अधिक पायी जाती है।

3) विकसित देशों में रोजगार की अधिक संभावनाओं के चलते नगरीय क्षेत्रों में स्त्रियां गावों से प्रवास कर आ बसती हैं। इसलिए महिलाओं की संख्या नगरों में अधिक है।

4) विकसित देशों में ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि कार्य मशीनीकृत भारी व पुरूष प्रधान है इसलिए पुरूषों की शहरों की अपेक्षा ग्रामीण क्षेत्रों में। रोजगार की संभावनाएं अधिक होती है। इसलिए ग्रामीण क्षेत्रों में पुरूषों की संख्या इन देशों में अधिक पायी जाती है।

5) विकासशील देशों में शहरों में स्त्रियों के लिए असुरक्षा की भावना अधिक होती है और रोजगार के लिए पुरूष गावों से नगरों की और प्रवास करते है इसलिए नेपाल व जिम्बावे जैसे देशों में नगरों में पुरूष व ग्रामीण क्षेत्रों में स्त्रियों अधिक निवास करती है।

प्रश्न 28. जनसंख्या का वृद्ध होना एक ऐसी प्रक्रिया है जिससे बुजुर्ग जनसंख्या का हिस्सा बड़ा हो जाता है । वृद्ध होती जनसंख्या 20 वीं शताब्दी की एक नई परिघटना है। यह विश्व के किन भागों की घटना है। इस घटना के दो कारण एवं दो परिणाम बताइए।

उत्तर : जनसंख्या का वृद्ध होना एक ऐसी घटना है जिसमें बुजुर्ग जनसंख्या का हिस्सा अनुपात की दृष्टि से बड़ा हो जाता हैं यह 20 वीं शताब्दी की विश्व के विकसित देशों की परिघटना है।

कारण :-
1) अधिकांश विकसित देशों में स्वास्थ्य का स्तर ऊंचा होता है।
2) इन देशों में सामाजिक संरचनाओं और आर्थिक स्तर अत्यन्त उच्च अवस्था में होते हैं जिसके कारण जीवन प्रत्याशा उच्च हो गई और जनसंख्या में बुजुर्ग या वृद्ध होती जनसख्या का अनुपात बढ़ गया है।

परिणाम:-
1) इन देशों में जनसंख्या में बच्चों व युवाओं का अनुपात घट रहा है। जो भविष्य के लिए शुभ नही है।
2) इन देशों में वृद्ध जनसंख्या के स्वास्थ्य की देखभाल पर काफी खर्चा बढ़ रहा है।

प्रश्न 29. जनसंख्या संघटन के अन्तर्गत आने वाले पाँच घटकों की व्याख्या कीजिए।

उत्तर : जनसंख्या संघटन के पाँच घटक निम्नलिखित है।

1) आयु संरचना :- विभिन्न आयु वर्गों में लोगों की संख्या को जनसंख्या की आयु संरचना कहते हैं। जिसके अन्तर्गत तीन आयु वर्ग आते हैं :-
i) बाल वर्ग (o-14 वर्ष
ii) प्रौढ़ वर्ग (15-59 वर्ष)
iii) वृद्ध वर्ग (60 वर्ष से अधिक)
बाल वर्ग व वृद्ध वर्ग की गणना आश्रित जनसंख्या व प्रौढ़ की गणना अर्जक जनसंख्या के रूप में की जाती है।

2) लिंग संघटन :- जनसंख्या में लिंग अनुपात पुरूष और स्त्रियों के बीच संतुलन का सूचक होता है। यह प्रति हजार पुरूषों पर स्त्रियों की संख्या के रूप में मापा जाता है। एशिया में लिंगानुपात निम्न है। जबकि रूस सहित यूरोप के देशों में पुरूष अल्प संख्या में है।

3) साक्षरता :- यह जनसंख्या की गुणात्मक विशेषता है जो किसी क्षेत्र के सामाजिक, आर्थिक विकास का सूचक है। आर्थिक विकास का स्तर साक्षरता का कारण व परिणाम दोनों ही है।

4) ग्रामीण व नगरीय संघटन :- इसका निर्धारण लोगों के निवास स्थान के आधार पर किया जाता है। यह आवश्यक भी है क्योंकि ग्रामीण व नगरीय जीवन आजीविका व सामाजिक दशाओं में एक दूसरे से भिन्न होते हैं।

5) व्यवसायिक संरचना :- पारिश्रमिक युक्त व्यवसाय कार्यों में संलग्न तथा इन्हीं कार्यों से जीविकोपार्जन करने वाली जनसंख्या के स्वरूप को व्यवसायिक संरचना कहते हैं। जिन देशों में अधिकतर लोग प्राथमिक व्यवसाय में लगे होते हैं उनका आर्थिक स्तर निम्न होगा तथा वहाँ की व्यवस्था कृषि पर आधारित होगी। जहाँ अधिकांश लोग द्वितीयक, तृतीयक तथा चतुर्थक व्यवसाय में लगे होते हैं उनका आर्थिक स्तर ऊंचा होगा।

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