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class 12 geography manav bhugol ke mul siddhant chapter 9 solution hindi

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9) अंतर्राष्ट्रीय व्यापार

प्र० 1. नीचे दिये गए चार विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए

(i) संसार के अधिकांश महान पत्तन इस प्रकार वर्गीकृत किए गये हैं-
(क) नौसेना पत्तन
(ख) विस्तृत पत्तन
(ग) तैल पत्तन
(घ) औद्योगिक पत्तन

(ii) निम्नलिखित महाद्वीपों में से किस एक से विश्व व्यापार का सर्वाधिक प्रवाह होता है?
(क) एशिया
(ख) यूरोप
(ग) उत्तरी अमेरिका
(घ) अफ्रीका

(iii) दक्षिण अमेरिकी राष्ट्रों में से कौन-सा एक ओपेक का सदस्य है?
(क) ब्राज़ील
(ख) वेनेजुएला
(ग) चिली
(घ) पेरू

(iv) निम्न व्यापार समूहों में से भारत किसका एक सह-सदस्य है?
(क) साफ्टा (SAFTA)
(ख) आसियान (ASEAN)
(ग) ओइसीडी (OECD)
(घ) ओपेक (OPEC)

उत्तर:
(i) (ख) विस्तृत पत्तन
(ii) (ग) उत्तरी अमेरिका
(iii) (ख) वेनेजुएला
(iv) (क) साफ्टा (SAFTA)

प्र० 2. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर 30 शब्दों में दीजिए

(i) विश्व व्यापार संगठन के आधारभूत कार्य कौन से हैं?

उत्तर: विश्व व्यापार संगठन के आधारभूत कार्य निम्नलिखित हैं
(a) यह विश्व व्यापी व्यापार तंत्र के नियमों का निर्धारण करता है।
(b) सदस्य देशों के मध्य विवादों का निपटारा करता है।
(c) यह विश्व व्यापार के लिए आवश्यक दूरसंचार वे बैंकिंग सेवाओं के अलावा बौद्धिक संपदा अधिकार के व्यापार को भी अपने कार्यों में सम्मिलित करता है।


(ii) ऋणात्मक भुगतान संतुलन का होना किसी देश के लिए क्यों हानिकारक होता है?

उत्तर: यदि किसी देश का आयात मूल्य, उसके निर्यात मूल्य से अधिक होता है तब देश का व्यापार संतुलन ऋणात्मक अथवा प्रतिकूल कहलाता है। इससे देश की अर्थव्यवस्था पर दबाव पड़ता है और यह वित्तीय संचय की समाप्ति को अभिप्रेरित करता है।

(iii) व्यापारिक समूहों के निर्माण द्वारा राष्ट्रों को क्या लाभ प्राप्त होते हैं?

उत्तर: (i) इन व्यापारिक समूह सदस्य राष्ट्रों ने व्यापार शुल्क को हटाकर मुक्त व्यापार को बढ़ावा दिया हैं।
(ii) ये व्यापारिक समूह प्रादेशिक विशिष्टीकरण, उत्पादन के उच्च स्तर, उच्च रहन-सहन के स्तर, वस्तुओं एवं सेवाओं की विश्वव्यापी उपलब्धता, कीमतों और वेतन का समानीकरण तथा ज्ञान एवं संस्कृति को प्रोत्साहन देने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

प्र० 3. नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर 150 शब्दों से अधिक में न दें-

(i) पत्तन किस प्रकार व्यापार के लिए सहायक होते हैं, पत्तनों का वर्गीकरण उनकी अवस्थिति के आधार पर कीजिए।

उत्तर: पत्तन तथा पोताश्रय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के मुख्य प्रवेश द्वार कहे जाते हैं। इन्हीं पत्तनों के द्वारा जहाज़ी माल तथा यात्री विश्व के एक भाग से दूसरे भाग को जाते हैं। पत्तन जहाज़ के लिए गोदी, सामान लादने वे उतारने तथा भंडारण हेतु सुविधाएँ प्रदान करते हैं।

अवस्थिति के आधार पर पत्तनों का वर्गीकरण-अवस्थिति के आधार पर पत्तन दो प्रकार के होते हैं

(i) अंतर्देशीय पत्तन – ये पत्तन समुद्री तट से दूर किसी नौगम्य नदी अथवा नहर पर अवस्थित होते हैं। ये समुद्र से एक नदी अथवा नौगम्य नहर द्वारा जुड़े होते हैं। ऐसे पत्तन चौरस तल वाले जहाज़ या बजरे द्वारा ही गम्य होते हैं। जैसे-मानचेस्टर एक नहर से जुड़ा है; मेंफिस मिसीसिपी नदी पर स्थित है; राइन नदी के मैनहीम तथा ड्यूसबर्ग और कोलकाता हुगली नदी पर स्थित है।

(ii) बाह्य पत्तन – ये गहरे जल के पत्तन हैं जो वास्तविक पत्तन से दूर बने होते हैं। ये उन जहाजों को सेवाएँ प्रदान करते हैं, जो अपने बड़े आकार के कारण पैतृक पत्तनों तक पहुँचने में अक्षम होते हैं। जैसे-एथेंस तथा यूनान में इसके बाह्य पत्तन पिरेइअस एक उच्चकोटि का संयोजन है।

(ii) अंतर्राष्ट्रीय व्यापार से देश कैसे लाभ प्राप्त करते हैं?

उत्तर: अंतर्राष्ट्रीय व्यापार उत्पादन में विशिष्टीकरण का परिणाम है। यदि विभिन्न राष्ट्र वस्तुओं के उत्पादन अथवा सेवाओं की उपलब्धता में श्रम विभाजन तथा विशेषीकरण को प्रयोग में लाएँ तो उनकी अर्थव्यवस्था लाभान्वित होती है। किसी भी प्रकार का विशिष्टीकरण व्यापार को जन्म दे सकता है। अतः अंतर्राष्ट्रीय व्यापार वस्तुओं और सेवाओं के तुलनात्मक लाभ, परिपूरकता व हस्तांतरणीयता के सिद्धांतों पर आधारित होता है। आधुनिक समय में व्यापार राष्ट्रों की विदेश नीति का प्रमुख अंग होता है। सुविकसित परिवहन तथा संचार प्रणाली से युक्त कोई भी देश अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में भागीदारी से मिलने वाले लाभों को नहीं छोड़ना चाहता।। अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के दो प्रकार हैं-

(i) द्विपाश्विक व्यापार – यह व्यापार दो देशों के बीच, आपस में निर्दिष्ट वस्तुओं का व्यापार करने के लिए आपसी सहमति के आधार पर किया जाता है।

(ii) बहुपाश्विक व्यापार – इसमें बहुत से देश एक व्यापारिक संघ’ बनाकर आपस में व्यापार की सहमति देते हैं। ऐसे व्यापारिक साझेदारों को सर्वाधिक अनुकूल राष्ट्र (MFN) का दर्जा प्रदान कर व्यापार किया जाता है।

(एक अंक वाले प्रश्न)

प्रश्न -1. रेशम मार्ग किसे कहते हैं?

उत्तर : चीन में निर्मित रेशम का व्यापार भारत एवं मध्य एशिया से होते हुए चीन तक होता था। इसे ही रेशम मार्ग के नाम से जाना जाता है।


प्रश्न 2. WTO एवं GATT का परस्पर क्या सम्बन्ध है?

उत्तर : WTO तात्पर्य विश्व व्यापार संगठन से है जिसका गठन 1995 में हुआ। इससे पहले इसे ही GATT (जनरल एग्रीमेंट ऑन ट्रेड टेरिफ) के नाम से जाना जाता था।

प्रश्न 3. प्रादेशिक व्यापार समूह से क्या तात्पर्य है?

उत्तर : विश्व के वे देश, जिसकी व्यापार सम्बन्धी आवश्यकतायें एवं समस्याएं एक
जैसी होती है, व भौगोलिक दृष्टि से एक-दूसरे के समीप हैं एक समूह का गठन कर लेते हैं। इसे ही प्रादेशिक व्यापार समूह कहा जाता हैं। जैसे ओपेक, असियान आदि।


प्रश्न 4. जनसंख्या का आकार अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार को किस तरह प्रभावित करता है?

उत्तर : जनसंख्या के वृहद आकार के कारण कृषीय एवं औद्योगिक उत्पाद देश के अन्दर ही खप जाते हैं उनका वाह्य व्यापार कम हो पाता है। कभी-कभी जनसंख्या की आवश्यकता की पूर्ति के लिए आयात में वृद्धि की जाती है। जनसंख्या का जीवन स्तर भी व्यापार के मूल्य को निर्धारित करता है।


प्रश्न 5. व्यापार के परिमाण का अर्थ स्पष्ट करो।

उत्तर : किसी देश द्वारा व्यापार की गई वस्तुओं तथा सेवाओं के कुल मूल्य को व्यापार के परिमाण के रूप में जाना जाता है।


प्रश्न 6. पैकेट स्टेशन का एक उदाहरण देते हुए समझाइये?

उत्तर : पैकेट स्टेशन छोटी दूरियों को तय करते हुए जलीय क्षेत्रों के आरपार डाक तथा यात्रियों के परिवहन से जुड़े होते हैं। उदाहरण:- इंगिलश चैनल के आरपार इंग्लैंड में डोवर तथा फ्रांस में कैलाइस।


प्रश्न 7. विश्व प्रणाली व्यापार संगठन की कार्य की परख कीजिए।

उत्तर : (1) यह विश्वव्यापी व्यापार तन्त्र के लिये नियमों को निर्धारित करता है।
(2) यह सदस्य देशों के मध्य विवादों का निपटारा करता है।


प्रश्न 8. उस प्रादेशिक व्यापार समूह का नाम बतायें जिसका भारत सदस्य है ।

उत्तर : सापटा (साउथ एशियन फ्री ट्रेड एग्रीमेंट)


प्रश्न 9. आर्गेनाइजेशन ऑफ पेट्रोलियम एक्सपोर्टिग कंट्रीज (OPEC) का मुख्यालय कौन-सा नगर हैं?

उत्तर : वियना।


प्रश्न 10. डंप (outside) करने का क्या अर्थ है?

उत्तर : लागत की दृष्टि से नहीं वरन् भिन्न-भिन्न कारणों से अलग-अलग कीमत की किसी वस्तु को दो देशों में विक्रय करने की प्रथा को डंप कहते हैं।

लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 11. व्यापार की आवश्यकता क्यों है?
अथवा
राष्ट्रीय संसाधनों में भिन्नता अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार को किस तरह प्रभावित करती है? उदाहरण सहित स्पष्ट करें।

उत्तर : विश्व के सभी देशों में संसाधनों में भिन्नता पाई जाती है यह भिन्नता प्राकृतिक संसाधनों एवं मानवीय संसाधनों दोनों स्तरों पर होती है। इनकी गुणवत्ता एवं मात्रा में भी अन्तर होता है। इसलिए दो देशों के मध्य व्यापार की संभावना बढ़ती है। उदाहरण के लिए :-

(1) भौगोलिक संरचना में अन्तर के कारण किसी राष्ट्र में दूसरे राष्ट्र से अलग कृषि फसल होती है जैसे ब्राजील में कॉफी का उत्पादन अधिक होता है तो वहाँ से कॉफी अन्य देशों को निर्यात की जाती है।
(2) खनिज भी असमान रूप से वितरित है। द. अफ्रीका से बहुमूल्य खनिज दूसरे देशों को निर्यात किए जाते हैं। जापान जैसा विकसित देश खनिजों का आयात करता है।
(3) जलवायु से उत्पन्न विविधता भी उत्पादन की विविधता को सुनिश्चित करती है जो व्यापार को प्रभावित करती है।


प्रश्न 12. किसी देश के आर्थिक विकास की अवस्था का व्यापार से सम्बन्ध स्पष्ट कीजिए।

उत्तर : (1) देश के आर्थिक विकास की अवस्था से व्यापार की गई वस्तुओं का स्वभाव परिवर्तित हो जाता हैं।
(2) जब किसी देश का आर्थिक विकास उच्च होता है तो वहाँ निर्माण उद्योग, परिवहन, सूचना उद्योग आदि अत्यधिक विकसित हो जाते हैं। इस स्थिति में वह देश विर्निमित वस्तुओं एवं मशीनरी एवं उच्च तकनीक का निर्यात करता है।
(3) आर्थिक विकास के अभाव में पिछड़े देश कृषि वस्तुओं व खनिजों का निर्यात करते हैं।

प्रश्न 13. व्यापार संतुलन से क्या आशय है? व्यापार संतुलन के प्रकारों को स्पष्ट कीजिए।

उत्तर : एक देश दूसरे देश को कुछ वस्तुएं या सेवाएं भेजता (निर्यात) है या कुछ वस्तुओं या सेवाओं को अपने देश में मंगाता (आयात) है। इसी आयात व । निर्यात के अंतर को व्यापार संतुलन कहते हैं। यह दो प्रकार का होता है।

i) ऋणात्मक संतुलन :- देश दूसरे देशों से वस्तुओं के खरीदने पर उस मूल्य से अधिक खर्च करता है जितना वह अपनी वस्तुओं को बेचकर मूल्य प्राप्त करता है अर्थात् आयात का मूल्य निर्यात के मूल्य से अधिक होता है।

ii) धनात्मक संतुलन :- यदि निर्यात का मूल्य विक्रय मूल्य) आयात के मूल्य से अधिक है तो यह धनात्मक व्यापार संतुलन होता है।

प्रश्न 14. मुक्त व्यापार क्या है? इसके गुण एवं दोष बताइये।

उत्तर: जब दो देशों के मध्य व्यापारिक बाधायें हटा दी जाती हैं जैसे सीमा शुल्क
खत्म करना, तो इसे मुक्त व्यापार कहा जाता हैं।

गुण :- घरेलू उत्पादों एवं सेवाओं को अन्तर्राष्ट्रीय प्रतिस्पद्ध मिलती है।
जिससे उत्पादन की गुणवत्ता में वृद्धि होती है। व्यापार में भी वृद्धि होती है।

दोष :- विकासशील देशों में समुचित विकास न होने के कारण विकसित देश अपने उत्पादों को उनके बाजारों में अधिक मात्रा में भेज देते हैं जिसे विकासशील देशों की अर्थव्यवस्था प्रभावित होती है उनके अपने उद्योग बंद होने लगते हैं।

प्रश्न 15. मार्ग पत्तन एवं आत्रपों पत्तन में क्या अन्तर है? स्पष्ट करें?

उत्तर : मार्ग पत्तन :- समुद्री मार्ग पर विश्राम केन्द्र के रूप में विकसित हुए है। यहाँ पर जहाज ईंधनजल एवं भोजन के लिए लंगर डालते हैं।
जैसे – होनोलूलू एवं सिंगापुर।

आत्रपों पत्तन :- इन पत्तनों पर विभिन्न देशों से निर्यात हेतु वस्तुएं लाई जाती हैं एकत्र की जाती हैं व अन्य देशों को भेज दी जाती हैं जैसे -यूरोप का रोटरडम एवं कोपेन-हेगन ।


प्रश्न 16. अंतर्राष्ट्रीय व्यापार उत्पादन में विशिष्टीकरण का परिणाम है, कैसे? स्पष्ट कीजिए कि यह विश्व अर्थव्यवस्था को लाभान्वित कैसे करता है ।

उत्तर : विभिन्न देशों में भिन्न-भिन्न प्रकार की वस्तुओं का उत्पादन होता है और उसमें उन देशों को दक्षता प्राप्त होती है जैसे भारत में सूती वस्त्र या चीन में इलेक्ट्रानिक सामान । ये देश इन वस्तुओं का व्यापार करते हैं।
वृहद पैमाने पर उत्पादन करने के लिये श्रम विभाजन एवं कौशल विशिष्टीकरण को प्रोत्साहित किया जाता है। जिससे रोजगार के अवसरों में वृद्धि होती है।


प्रश्न 17. अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार के तीन महत्वपूर्ण पक्ष क्या हैं? विश्लेषण कीजिए।

उत्तर : व्यापार का परिमाण :- व्यापार की गई वस्तुओं का वास्तविक तौल परिमाण कहलाता है। सभी प्रकार की व्यापारिक सेवाओं को तौला नहीं जा सकता इसीलिए व्यापार की गई वस्तुओं व सेवाओं के कुल मूल्य को व्यापार का परिमाण के रूप में जाना जाता है।

व्यापार संयोजन :- व्यापार संयोजन से अभिप्राय देशों द्वारा आयातित व निर्यातित वस्तुओं व सेवाओं के प्रकार में हुए परिवर्तन से हैं। जैसे पिछली शताब्दी के शुरू में प्राथमिक उत्पादों का व्यापार प्रधान था। बाद में निर्माण क्षेत्र की वस्तुओं का आधिपत्य हो गया। अब सेवा क्षेत्र भी तेजी से बढ़ रहा

व्यापार की दिशा :- पहले विकासशील देश कीमती वस्तुओं तथा शिल्पकला की वस्तुओं आदि का निर्यात करते थे। 19वीं शताब्दी में यूरोपीय देशों ने विनिर्माण वस्तुओं को अपने उपनिवेशों से खाद्य पदार्थ व कच्चे माल के बदले निर्यात करना शुरू कर दिया। वर्तमान में भारत ने विकसित देशों के साथ प्रतिस्पर्धा शुरु कर दी है। आज चीन तेजी से व्यापार के क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है।


प्रश्न 18. अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार से सम्बन्धित प्रमुख समस्याओं को उदाहरणों सहित स्पष्ट कीजिए।

उत्तर : अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार से सम्बन्धित प्रमुख समस्याएँ :-
* अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार का होना राष्ट्रों के लिए पारस्परिक लाभदायक होता है अगर , वस्तुओं व सेवाओं की यह उत्पादन उच्च स्तर उपलब्धता, कीमतों व वेतन का समानीकरण प्रस्तुत करता है।

* अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार देशों के लिए हानिकारक हो सकता है यदि यह अन्य देशों पर निर्भरता, विकास के असमान स्तरशोषण और युद्ध का कारण बनने वाली प्रतिद्वंदिता की ओर उन्मुख होता है।

* अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार से प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग बढ़ता जा रहा है। जिससे पर्यावरणीय व स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याएं उत्पन्न हो रही है। संसाधनों का तेजी से हास हो रहा है।

प्रश्न 19. द्विपाश्विक एवं बहुपाश्विक व्यापार में अन्तर स्पष्ट करे।

उत्तर : * द्विपाश्विक व्यापार :- इस तरह के व्यापार में दो देश आपस में व्यापार करते है जैसे एक देश ‘क’ दूसरे देश ‘ख से कुछ कच्चे माल को खरीदता है और बदले में ‘ख’ को कुछ अन्य सामग्री देता है।

* बहुपाश्विक व्यापार :- इसमें वही देश ‘क’, ‘ख’ देश के साथ-साथ अन्य अनेक देशों से भी व्यापार करता है।


प्रश्न 20. उपनिवेशवाद एवं औद्योगिक क्रान्ति ने व्यापार के इतिहास को किस तरह प्रभावित किया?

उत्तर : उपनिवेशवाद ने कच्चे माल एवं दासों के व्यापार की शुरूआत की। औद्योगिक क्रान्ति के फलस्वरूप – अनाज, मांस, ऊन आदि जैसे कच्चे माल की मांग बढ़ी लेकिन उनका मूल्य अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार में कम हो गया।
औद्योगिक राष्ट्रों ने कच्चे माल का आयात किया एवं उत्पादित माल को अनौबीगिकृत राष्ट्रों को निर्यात कर दिया।


प्रश्न 23. विश्व व्यापार संगठन की भमिका विकसित एवं विकासशील देशों के लिए समान नहीं रही है। इस कथन को उचित तर्क देकर स्पष्ट कीजिए।
अथवा
अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार में विश्व व्यापार संगठन की भूमिका उसकी। आलोचना के साथ स्पष्ट कीजिए?

उत्तर : विश्व व्यापार संगठन की नींव GATT (जनरल एग्रीमेंट आन ट्रेड एन्ड टैरिफ) के रूप में 1948 में पड़ी थी। 1995 में GATT विश्व व्यापार संगठन के रूप में परिवर्तित हो गया। इसका योगदान निम्नलिखित है:-
• विश्व व्यापार संगठन एकमात्र ऐसा अन्तर्राष्ट्रीय संगठन है, जो राष्ट्रो के मध्य विवादों का निपटारा करता है।
• यह संगठन दूर संचार और बैंकिंग जैसी सेवाओं तथा अन्य विषयों जैसे बौद्धिक सम्पदा अधिकार के व्यापार को भी अपने कार्यों में सम्मिलित करता है।

आलोचना :-
(1) WTO ने मुक्त व्यापार एवं भूमंडलीकरण को बढ़ावा दिया है जिसके कारण धनी और धनी एवं गरीब देश और गरीब हो रहे हैं।
(2) विकसित देशों ने अपने बाजार को विकासशील देशों के उत्पादों के लिए नहीं खोला है।
(3) इस संगठन में केवल कुछ प्रभावशाली राष्ट्रो का वर्चस्व है।
(4) WTO पर्यावरणीय मुद्दों, बालश्रम, श्रमिकों के स्वास्थ्य व अधिकारों की उपेक्षा करता है।


प्रश्न 24. अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के अस्तित्व में आने के प्रमुख कारण क्या है?
या
अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के आधार क्या हैं?
स्पष्ट करें?

उत्तर : विश्व के प्रत्येक देश एक या अन्य वस्तुओं के उत्पादन में विशिष्टीकरण
प्राप्त होते हैं। यही विशिष्टीकरण अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार का आधार बनता है।
1) राष्ट्रीय संसाधनों में भिन्नता
2) जनसंख्या का आकार
3) आर्थिक विकास की अवस्था।
4) विदेशी निवेश की सीमा।
5) परिवहन ।
उपर्युक्त कारक अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार के आधार के रूप में कार्य करते हैं। (कारकों को विस्तृत करके लिखें।)

मूल्य आधारित प्रश्न

प्रश्न 25. अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार विश्व के सभी देशों के लिए लाभप्रद हो । यह सुनिश्चित करने के लिए किन मानवीय मूल्यों को अपनाना चाहिए

उत्तर : मानवीय मूल्य :-
* ईमानदारी : व्यापार में ईमानदारी अपनाने से विश्वबन्धुत्व की भावना का विकास होता है।
* सहयोग : देशों एवं नागरिकों में परस्पर सहयोग की भावना का विकास।
* उदारता : उत्पादन संबंधी कार्यों में श्रमिकों के प्रति स्वस्थ व्यवहार का होना।
* पर्यावरणीय अनुकूल क्रियायें :- उत्पादन के विशिष्टीकरण में किसी भी तरह पर्यावरण को हानि न हो।

प्रश्न 26. विकसित एवं विकासशील या अमीर एवं गरीब देशों के मध्य खाई को गहरी होने से बचाने के लिए विश्व व्यापार संगठन को किन मानवीय मूल्यों को ध्यान में रखना होगा?

उत्तर : 1) ईमानदारी
2) निष्पक्षता
3) श्रमिकों के अधिकारों के प्रति जागरुकता
4) संवेदनशीलता
5) सतत् पोषणीयता


बहुविषयक प्रश्न

प्रश्न 27. अंतर्राष्ट्रीय व्यापार किसी देश की अर्थव्यवस्था, राजनीति व संस्कृति को प्रभावित करता है स्पष्ट कीजिए।

उत्तर : (1 ) अंतर्राष्ट्रीय व्यापार विभिन्न देशों की आर्थिक आवश्यकताओं को पूरा
करने के लिए आवश्यक हैं। इससे अर्थव्यवस्था का विकास होता है।
2) अंतर्राष्ट्रीय व्यापार, व्यापारकर्ता देशों की राजनीति को भी प्रभावित करता है जिस देश के व्यापारिक संबंध जिस देश से अधिक होते है। उसका राजनीतिक प्रभाव भी स्पष्ट दिखाई देता है।
(3) अंतर्राष्ट्रीय व्यापार भाषा, साहित्य, कला एवं अन्य सांस्कृतिक तत्वों को भी प्रभावित करता है उदाहरण भारतीय फिल्मों व साहित्य का विदेशों में प्रचार तथा विदेशी वस्तुओं व साहित्य आदि का भारत में प्रयोग।

प्रश्न 28. विकासशील देशों के पास संसाधनों की कमी नहीं है। इनके पास तकनीकी ज्ञान व आवश्यक पूंजी का अभाव है। क्या निर्बाध गति से आता विदेशी निवेश इनके पिछड़ेपन को दूर कर सकता हैं? स्पष्ट कीजिए।

उत्तर : (1) विकासशील देशों के पास संसाधन पर्याप्त मात्रा में है। परन्तु इनके
पास उनके अनुकूलतम व सक्षम उपयोग की कमी है।
(2) विदेशी तकनीकी व विदेशी निवेश इनकी इस विषय में सहायता तो अवश्य करेगा परन्तु इसकी कीमत आर्थिक रूप से निर्भरता के रूप में इन्हें चुकानी पड़ेगी।
(3) विकसित देश इन देशों की आर्थिक नीतियों को हैं निर्धारित करते हैं । और आन्तरिक राजनीति में हस्तक्षेप करते हैं।

क्रियाकलाप :-
(1) आपने कभी न कभी ऐसी वस्तुओं को खरीदा होगा जो दूसरे देशों से व्यापार के जरिये भारत आई है। ऐसी वस्तुओं की सूची बनाइये और कक्षा में उनके उत्पादक देशों की जानकारी कीजिए।
(2) विश्व व्यापार में स्वास्थ्य, बालश्रम एवं पर्यावरण जैसे मुद्दों की उपेक्षा की गई है साथियों के साथ चर्चा करें।

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