11) अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार
प्र० 1. नीचे दिए गए चार विकल्पों में से सही उत्तर को चुनिए।
(i) दो देशों के मध्य व्यापार कहलाता है|
(क) अंतर्देशीय व्यापार
(ख) बाह्य व्यापार
(ग) अंतर्राष्ट्रीय व्यापार
(घ) स्थानीय व्यापार
(ii) निम्नलिखित में से कौन-सा एक स्थ्लबद्ध पोताश्रय है?
(क) विशाखापट्टनम
(ख) मुंबई
(ग) एन्नोर
(घ) हल्दिया
(iii) भारत का अधिकांश विदेशी व्यापार वहन होता है
(क) स्थल और समुद्री द्वारा
(ख) स्थल और वायु द्वारा
(ग) समुद्र और वायु द्वारा
(घ) समुद्र द्वारा
(iv) वर्ष 2010-11 में निम्नलिखित में से कौन-सा भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार था
(क) यू०ए०ई०
(ख) चीन
(ग) जर्मनी ।
(घ) स०रा० अमेरिका
उत्तर:
(i) (ग) अंतर्राष्ट्रीय व्यापार
(ii) (क) विशाखापट्टनम
(iii) (ग) समुद्र और वायु द्वारा
(iv) (घ) स० रा० अमेरिका
प्र० 2. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 30 शब्दों में दें।
(i) भारत के विदेशी व्यापार की प्रमुख विशेषताओं का उल्लेख कीजिए।
उत्तर:
(i) भारत के व्यापारिक संबंध विश्व के अधिकांश देशों एवं प्रमुख व्यापारिक गुटों के साथ हैं।
(ii) अंतर्राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा के कारण परंपरागत वस्तुओं के व्यापार में गिरावट दर्ज की गई है।
(iii) भारत के निर्यात की तुलना में आयात को मूल्य अधिक होने से व्यापार घाटे में लगातार वृद्धि हो रही है।
(ii) पत्तने और पोताश्रय में अंतर बताइए।
उत्तर: पत्तन-समुद्रतट पर जलपोतों के ठहरने का वह स्थान जहाँ पर पानी के छोटे-बड़े जहाज़ों में सामान लादने तथा उतारने की सभी सुविधाएँ होती हैं। साथ ही सामान को सुरक्षित रखने के लिए गोदामों की भी सुविधा होती है। पत्तन व्यापार के द्वार होते हैं जो अपनी पृष्ठभूमि से सड़कों व रेलमार्गों से अच्छी तरह जुड़े होते हैं। जबकि पोताश्रय कटे-फटे समुद्रतट व खाड़ियों पर प्राकृतिक पोताश्रय स्थल होते हैं। जहाँ जहाज़ समुद्री लहरों व तूफानों से सुरक्षा प्राप्त करते हैं अथवा कुछ समय आराम करने की दृष्टि से लंगर डाल लेते हैं तथा अपने गंतव्य की ओर आगे बढ़ जाते हैं।
(iii) पृष्ठ प्रदेश का अर्थ स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: पृष्ठ प्रदेश (hinter land) किसी पत्तन का वह प्रभाव क्षेत्र होता है जो रेल व सड़क मार्गों द्वारा पत्तन से अच्छी तरह जुड़ा होता है। इस क्षेत्र के उत्पाद निर्यात के लिए पत्तन तक भेजे जाते हैं तथा आयातित सामान विक्रय/उपभोग के लिए यहाँ वितरित कर दिया जाता है।
(iv) उन महत्त्वपूर्ण मदों के नाम बताइए जो भारत विदेशों से आयात करता है।
उत्तर: पेट्रोलियम व पेट्रोलियम उत्पाद भारत के प्रमुख आयात हैं। इनके अलावा मशीनरी, गैरधात्विक खनिज, अलौह धातुएँ, मोती व उपरत्न, सोना व चाँदी, उर्वरक तथा अन्य रसायनों का भी आयात किया जाता है।
(v) भारत के पूर्वी तट पर स्थित पत्तनों के नाम बताइए।
उत्तर: भारत के पूर्वी तट अर्थात् बंगाल की खाड़ी के प्रमुख पत्तन हैं-कोलकाता, हल्दिया, पाराद्वीप, विशाखापट्टनम, एन्नौर, चेन्नई व तूतीकोरिन।
प्र० 3. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 150 शब्दों में दें।
(i) भारत में निर्यात और आयात व्यापार के संयोजन का वर्णन कीजिए।
उत्तर: भारत के विदेशी व्यापार में अनेक वस्तुओं का निर्यात व आयात किया जाता है। भारत से निर्यात की वस्तुएँ हैं-कृषि एवं समवर्गी उत्पाद, अयस्क एवं खनिज, विनिर्मित वस्तुएँ, मणि-रत्न एवं आभूषण, इंजीनियरिंग सामान, इलेक्ट्रॉनिक सामान वस्त्रादि, हस्तशिल्प, कालीन, चमड़े से बने उत्पाद तथा पेट्रोलियम उत्पाद आदि। जबकि प्रमुख आयातित वस्तुएँ हैं-पेट्रोलियम अपरिष्कृत एवं उत्पाद, व्यावसायिक उपस्कर आदि; स्वर्ण एवं चाँदी; मशीनरी; मोती, बहुमूल्य एवं अल्पमूल्य रत्न; गैर-धात्विक खनिज विनिर्माण; दालें, लोहा एवं स्टील; खाद्य तेल; धातुमयी अयस्क तथा छीजन; चिकित्सीय एवं फार्मा उत्पाद; अलौह धातुएँ; उर्वरक; लुगदी; अन्य वस्त्र धागे, कपड़े इत्यादि, रासायनिक उत्पाद; कोयला, कोक तथा इष्टिका आदि। भारत के आयात व निर्यात व्यापार संयोजन को इस दृष्टि से भी आकलन किया जा सकता है कि सन् 2004-05 में भारत का आयात मूल्य 4810.5 अरब रुपये का था जबकि निर्यात मूल्ये कुल 3560.5 अरब रुपये मूल्य का था। इस तरह भुगतान संतुलन बिल्कुल भी भारत के पक्ष में नहीं है।
(ii) भारत के अंतर्राष्ट्रीय व्यापार की बदलती प्रकृति पर टिप्पणी लिखिए।
उत्तर: भारत के अंतर्राष्ट्रीय व्यापार की प्रकृति में लगातार बदलाव महसूस किए जा रहे हैं जिन्हें निम्नलिखित उदाहरणों से स्पष्ट किया होता है
(1) भारत का कुल विदेशी व्यापार 1950-51 में 1, 214 करोड़ रुपये से बढ़कर 2004-05 में 8, 37, 133 करोड़ तथा 2006-07 में 13, 84, 368 करोड़ रुपये हो गया।
(2) निर्यात की तुलना में आयात में तेजी से वृद्धि हुई है। 1950-51 में आयात 608.8 करोड़ रुपये से बढ़कर 2004-05 में 4,81,064.0 करोड़ रुपये तथा 2006-07 में 820,568.0 करोड़ रुपये हो गया। जबकि निर्यात मूल्य 606.0 करोड़ रुपये से बढ़कर 2004-05 में 356,069.0 करोड़ रुपये तथा 2006-07 में 5,63,800.0 करोड़ रुपये हो गया।
(3) भारत के आयात तथा निर्यात के मूल्यों में लगातार अंतर बढ़ता ही जा रहा है जिससे व्यापार संतुलन विपरीत अर्थात् भारतीय अर्थव्यवस्था के प्रतिकूल है।
(4) विश्व के कुल निर्यात व्यापार में भारत की भागीदारी भी लगातार कम होती जा रही है। 1950 में यह 2.1% थी, अब घटकर मात्र 1% रह गयी है। इसके लिए अनेक कारणों को जिम्मेदार माना जाता है
(क) विश्व बाजार में रुपये का अवमूल्यन,
(ख) उत्पादन में धीमी प्रगति,
(ग) घरेलू उपभोग में वृद्धि,
(छ) विश्व बाज़ार में कड़ी प्रतिस्पर्धा आदि।
(एक अंक वाले प्रश्न)
प्रश्न 1. पिछले कुछ वर्षों में भारत में व्यापार घाटे में वृद्धि हुई है। घाटे में हुई इस वृद्धि का कारण बताइए।
उतर : अपरिष्कृत (कूड) पेट्रोलियम की खरीदारी
प्रश्न 2. भारत के व्यापार में परंपरागत वस्तओं के व्यापार में गिरावट आई है इस गिरावट का मुख्य कारण बताइए।
उत्तर : परम्परागत वस्तुओं के व्यापार में गिरावट का मुख्य कारण कड़ी अंतर्राष्ट्रीय
प्रतिस्पर्धा है।
प्रश्न 3. वे कौन से देश हैं जिनसे भारत स्थल मार्ग से व्यापार करता है?
उत्तर : नेपा, भूटान, पाकिस्तान, चीन व बांग्लादेश।
प्रश्न 4. महाराष्ट्र, तमिलनाडु व पं. बंगाल के एक-एक पोताश्रय का नाम बताइये जिनका निर्माण पहले से स्थापित पोताश्रयों का दबाव कम करने के लिए किया गया।
उत्तर : महाराष्ट्र – जवाहर लाल नेहरू पत्तन
तमिलनाडु – ऐन्नोर
पं. बंगाल – हल्दिया
प्रश्न 5. भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार देश कौन सा है?
उत्तर : संयुक्त अरब अमीरात (UAE) है।
प्रश्न 6, मुम्बई पत्तन का दबाव कम करने के लिये किस अनुशंगी पत्तन को विकसित किया गया?
अथवा
स्ववत्रता के तुरन्त बाद भारत के परिचमी तट पर बनाये गये प्रमुख सउदी पत्तन का नाम बताइए।
उत्तर : न्हावारोवा में जवाहर लाल नेहरू पत्तन को।
प्रश्न 7 जुआरी नदमुख (मुहाने) पर कौन-सा पत्तन है?
उत्तर : गोवा का मामगोआ पत्तन है जो कि प्राकृतिक पत्तन है।
प्रश्न 8. कौंडला पत्तन से मुख्य रूप से किन वस्तुओं का आयात किया जाता है
उत्तर : पेट्रोलियम तथा पेट्रोलियम उत्पाद एवं उर्वरकों का आयात किया जाता है
प्रश्न 9.भारतीय पत्तनों में से कौन -सा समुद्री पत्तन स्थल रूद्ध देशों को पत्तन सुविधाएं प्रदान करता है? ऐसे किसी एक देश का नाम बताइये?
उत्तर : भारतीय पत्तनों में से कोलकाता पत्तन सुविधाएं प्रदान करता है पड़ोसी देश नेपाल व भूटान।
प्रश्न 10.भारत की निर्यात सूची में किस मद में महत्त्वपूर्ण वृद्धि हुई है।
उत्तर : इंजीनियरिंग सामानों की।
प्रश्न 11. 1970 के दशक के बाद खाद्यानों के आयात की जगह किन उत्पादों का आयात बढ़ गया।
उत्तर : पैट्रोलियम उत्पाद तथा उर्वरक।
प्रश्न 12. भारतीय पत्तनों में से सबसे पुराना व कृत्रिम पत्तन कौन सा है?
उत्तर : चेन्नई पत्तन।
प्रश्न 13. भारत में एक भू आबद्ध पत्तन का नाम बताओ?
अथवा
भारत के पूर्वीतट पर कौनसा प्रमुख समुद्वी पत्तन भू आषद्ध है?
उत्तर : आन्ध्र प्रदेश में विशाखपत्तनम।
प्रश्न 14. कोलकत्ता पत्तन की संकुलता को घटाने के लिए बनाए गए समुद्री पत्तन का नाम बताइए।
उत्तर : हल्दीया
प्रश्न 15. अरब सागर की रानी किसे कहा जाता है इसके मुहाने पर स्थित एक प्राकृतिक पत्तन का नाम बताइए।
उत्तर : बेवानद कयाल को अरब सागर की रानी , कहा जाता है। इसके मुहाने पर
स्थित प्राकृतिक पत्तन का नाम कोच्चि है।
प्रश्न 16, भारत का सबसे अधिक निर्यात व्यापार विश्व में किन प्रदेशों से है?
उत्तर : एशिया और ओशनिया।
प्रश्न 17. चैन्नई पत्तन के दबाव को कम करने के लिए विकसित किए गए समुद्री पत्तनों के नाम लिखिए।
उत्तर : एन्नोर और तूतीकोरिन
प्रश्न 18. देश विभाजन के समय कौन से दो पत्तन हमारे देश से अलग हो गये थे?
उत्तर : कराची (पाकिस्तान)
चिटगाँव (बांग्लादेश)
प्रश्न 19. भारत के सबसे बड़े समुद्री पत्तन का नाम बताइए।
उत्तर : मुम्बई।
प्रश्न 20, भारत के पूर्वी तट पर स्थित नदीय पत्तन का नाम लिखिये ।
उत्तर: कोलकाता
प्रश्न 21. भारत में बड़ी यात्रा में पेट्रोलियम और पेट्रोलियम उत्पादों के आयात का एक कारण स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: यह ईधन तथा औद्योगिक कच्चे माल के रूप में प्रयोग किया गया है।
प्रश्न 22, आर्थिक सर्वे रिपोर्ट 2011-12 के अनुसार भारत के सबसे बड़े दो व्यापारिक साझेदार देशों के नाम लिखिए।
उत्तर: संयुक्त अरब अमीरात व चीन।
प्रश्न 23. कांडला पत्तन के विकास के किन्हीं दो कारणों का उल्लेख कीजिए।
उत्तरः i) देश के पश्चिमी एवं उत्तर पश्चिमी भाग की जरूरतों को पूरा करने तथा
ii) मुम्बई पत्तन पर दबाव को घटाने के के लिए।
प्रश्न 24. 1961 के बाद ममरगाओं समुद्री पत्तन ने किस प्रकार महत्ता प्राप्त की है?
उत्तरः जापान को लौह अयस्क के निर्यात का निपटजन करने के लिए किया गया पुनप्रतिरूपण तथा कोंकण रेलवे द्वारा इसके पृष्ठ प्रदेश में विस्तार के कारण महत्तायें वृद्ध हुई है।
(तीन अंक वाले प्रश्न)
प्रश्न 25, भारत के विदेशी व्यापार की प्रमुख विशेषताओं का उल्लेख कीजिए
उत्तर : i) भारत का विदेशी व्यापार सदा ही प्रतिकूल रहा है। (ii) आयात का मूल्य
निर्यात के मूल्य से सदा ही अधिक रहा है। विश्व के सभी देशों के साथ भारत के व्यापारिक संबंध है। (iii) वस्त्र, अयस्क व खनिज हीरे आभूषण तथा इलेक्ट्रानिक वस्तुएँ भारत के मुख्य निर्यात है। पेट्रोलियम हमारे देश का सबसे बड़ा आयात है।
प्रश्न 26. पृष्ठ प्रदेश किसे कहते हैं?
उत्तर: पृष्ठ प्रदेश :- (i) वह क्षेत्र जो इसकी सेवा करता है तथा इससे सेवा पाप्त करता है बन्दरगाह का पृष्ठप्रदेश कहलाता है।(ii) पृष्ठ प्रदेश की सीमाओं का सीमांकन मुश्किल होता है क्योंकि यह क्षेत्र सुस्थिर नहीं होता। (iii) अधिकतर मामलों में एक पत्तन का पृष्ठ प्रदेश दूसरे पत्तन के पृष्ठ प्रदेश का अतिव्यापन कर सकता है।
प्रश्न 27 अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार में वायु परिवहन की क्या भूमिका है? तथा प्रमुख हवाई अड्डों के उदाहरण दो।
उत्तर : (I) अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार में वायु परिवहन एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता।
है
(ii) वायु परिवहन द्वारा लम्बी दूरी तक ले जाने के लिये उच्च मूल्य वाले या नाशवान सामानों को कम से कम समय में ले जाने व निपटाने में सुविधा होती है।
(iii) हवाई अड्डे :- वर्तमान समय में देश ने 12 अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे तथा 112 घरेलू हवाई अड्डे हैं। जैसे दिल्ली, मुम्बई, चेन्नई कोलकाता, गोवा आदि।
प्रश्न 28. भारत के निर्यात में परम्परागत वस्तुओं के निर्यात में कमी आई है। इस कथन की पुष्टि उचित उदाहरणों से कीजिए।
उत्तर : (i) भारत के निर्यात में परम्परागत वस्तुओं के निर्यात में कमी आई है। कृषि उत्पादों के अन्तर्गत कॉफी, मसाले, चाय व दालों जैसी परम्परागत वस्तुओं के निर्यात में गिरावट आई है।
(ii) जिसका मुख्य कारण है: – कड़ी अंतर्राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा। इस क्षेत्र में श्रीलंका हमारा प्रमुख प्रतिस्पर्धा है।
(iii) वस्त्रोद्योग क्षेत्र में भी भारत पर्याप्त उपलब्धि नहीं प्राप्त कर सका इसमें चीन व अन्य पूर्व एशियाई देश हमारे प्रमुख प्रतिस्पर्धा है।
प्रश्न 29, मुम्बई पत्तन देश को सबसे बड़ा पत्तन है, कैसे?
उत्तर : 1) यह एक प्राकृतिक बन्दरगाह है, जहां गहरे जल के कारण बड़ेबड़े जहाजों के लिए सुरक्षित सुविधाएं हैं।
2) यह पत्तन मध्यपूर्व, भूमध्य सागरीय देशों, उत्तरी अफ्रीका, उत्तरी अमेरिका तथा यूरोप के देशों के सामान्य मार्ग के निकट है।
3) यह भारत का एक महत्वपूर्ण औद्योगिक व व्यापारिक केन्द्र है।
प्रश्न 30, अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार से देश कैसे लाभ प्राप्त करते हैं? वर्णन कीजिए।
उत्तर (i) आज की जटिल अर्थव्यवस्था से बड़े से बड़ा राष्ट्र भी पूर्णतया आत्मनिर्भर नहीं हो सकता है। प्रत्येक देश में कुछ वस्तुए
उसकी आवश्यकता से अधिक है तो कुछ वस्तुएं कम होती है।
(ii) इस प्रकार प्रत्येक देश अपनी आवश्यकता से कम वस्तुएं आयात करता है तथा अधिक वस्तुओं का निर्यात करता है जिससे सभी देशों की आवश्यकताओं की पूर्ति हो सके।
(iii) किसी देश आर्थिक उन्नति उसके अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार पर काफी हद तक निर्भर करती है।
प्रश्न 31. पत्तनों को “अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार के प्रवेश द्वार” क्यों कहते हैं?
उत्तर : • समुद्री पत्तन अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, इसलिए इन्हें अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार के प्रवेश द्वार कहते हैं।
• पत्तन जहाज के लिए गोदी, सामान, उतारने लादने तथा भंडारण की सुविधाएं प्रदान करते हैं।
• पत्तन अपने पृष्ठ प्रदेशों से वस्तुएं इकट्ठा करने का काम करते हैं,जहां से उन वस्तुओं को अन्य स्थानों पर भेजा जाता है।
प्रश्न 32. अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने के लिये भारत में कई प्रयास किये । ऐसे किन्हीं तीन प्रयासों का उल्लेख करें।
उत्तर : भारत के अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार का प्रारूप लगातार बदलता रहा है। स्वतन्त्रता प्राप्ति के पश्चात् हमारे वैदेशिक व्यापार मूल्य में काफी वृद्धि हुई है। अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए किए गए प्रमुख प्रयास हैं :
1) भारत सरकार द्वारा उद्योगों में उदारीकरण की नीति को अपनाया गया।.
2) विनिर्माण के क्षेत्र में अत्याधिक विकास।
3) भारत का विश्व व्यापार संगठन का सदस्य बनना।
4) बाजारों की विविधरूपता।
प्रश्न 33, विभाजन के कारण बड़ी हानि के बावजूद स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद से भारतीय पत्तन निरन्तर वृद्धि कर रहे हैं इस कथन की पुष्टि उदाहरणों सहित कीजिए।
उत्तर : 1) देश के विभाजन से भारत के दो महत्वपूर्ण पत्तन अलग हो गए कराची पत्तन पाकिस्तान में चला गया और चिटगाँव बांग्लादेश में इस क्षतिपूर्ति के लिए अनेक नए पत्तनों को विकसित किया गया जैसे
पश्चिम में कांडला व पूर्व में हुगली नदी पर कोलकाता के पास डायमण्ड हार्बर।
2) स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद से भारतीय पत्तन निरन्तर वृद्धि कर रहे हैं। आज भारतीय पत्तन विशाल मात्रा में घरेलू के साथ-साथ विदेशी व्यापार का निपटान कर रहे हैं।
3) पत्तनों का लगातार विकास व पत्तनों को अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के पत्तनों के समकक्ष बनाने के लगातार प्रयास किये जा रहे हैं।
4) आज भारतीय पत्तनों की नौभर निपटान क्षमता लगातार बढ़ गई है। और इसका क्षेत्र पत्तनों के आधुनिकीकरण को जाता है।
प्रश्न 34. ब्रिटिश की राजधानी होने का
‘कोलकाता पत्तन को भारत गौरव प्राप्त था किन्तु अब उसने एक पत्तन के रूप में अपनी सार्थकता काफी हद तक खो दी है। स्पष्ट कीजिए।
उत्तर : 1) कोलकाता को ब्रिटिश भारत की राजधानी होने के प्रारंभिक लाभ
प्राप्त थे।
2) यह पत्तन हुगली नदी द्वारा लाई गाद की समस्या से जूझता रहा है।
3) विशाखापत्तनम प्रायद्वीप और अनुबंगी पत्तन हल्दिया की ओर निर्यात के अधिक परिवर्तन के कारण इस पत्तन ने काफी हद तक अपनी सार्थकता खो दी है।
प्रश्न 35. भारत के व्यापार की दिशा का वर्णन कीजिये।
उत्तर 1) भारत के व्यापार की दिशा में रोचक परिवर्तन हुआ है। संयुक्त राज्य
अमेरिका जो 2003-2004 में भारत का सबसे बड़ा व्यापार साझीदार था 2011-2012 में वह खिसक कर तीसरे स्थान पर आ गया।
2) 2008-2009 से 2010-2011 तक संयुक्त अरब अमीरात (UAE ) पहले स्थान पर तथा चीन दूसरे स्थान पर है।
3) भारत इसके अतिरिक्त पश्चिम यूरोप के देशों यूके, बेल्जियम इटली, फ्रांस स्विटजरलैण्ड आदि के साथ महत्वपूर्ण व्यापारिक सम्बन्ध बनाये हुये है।
4) कनाडा, रूसप. एशिया व अफ्रीकी देशों के साथ भी भारत के निरन्तर व्यापारिक सम्बंध है।
(पांच अंक वाले प्रश्न)
प्रश्न 37. स्वतंत्रता के बाद से भारत के आयात व निर्यात संघटन के बदलते प्रारूप की समीक्षा कीजिए।
उत्तर : भारत के आयात संघटन के बदलते प्रारूप:-
• 1950-1960 के दशक के खाद्यान्नों की कमी के कारण आयात की प्रमुख वस्तुएँ खाद्यान्न, पूंजीगत माल, मशीनरी व उपस्कर आदि थे।
• 1970 के दशक के बाद हरित क्रान्ति के कारण खाद्यान्नों का आयात रोक दिया गया और पैट्रोलियम पदार्थों का आयात बढ़ गया
• इसके बाद औद्योगिकरण के बाद पूंजीगत वस्तुओं के आयात में वृध्दि हुई। भारत के आयात की अन्य वस्तुएँ हैं । – स्वर्ण’, धातु-छीजन व इलेक्ट्रोनिक वस्तुएँ।
भारत के निर्यात संघटन के बदलते प्रारूप:-
• 1950-1960 के दशक में अयस्क खनिजों व निर्मित सामानों का निर्यात किया गया ।
• कॉफी, मसाले, चाय व दालों जैसी परम्परागत वस्तुओं का निर्यात घटता गया।
• 2003-04 में इंजीनियरिंग सामानो के निर्यात में महत्वपूर्ण वृद्धि हुई। मणि-रत्नों व आभूषणों की भी निर्यात में व्यापक हिस्सेदारी है।
पढ़िए एवं विस्तृत रूप में लिखिए
प्रश्न 38. आयात व निर्यात के मूल्यों में अन्तर बढ़ने से भारत का व्यापार सन्तुलन विपक्ष में हो गया है। इसके कारणों की समीक्षा कीजिए।
उत्तर : • विश्व स्तर पर मूल्यों में वृद्धि
• विश्व बाजार में भारतीय रूपए का अवमूल्यन
• उत्पादन में धीमी प्रगति
• घरेलू उपयोग में वृद्धि
• विश्व बाजार में कड़ी प्रतिस्पर्धा
प्रश्न 39, भारत एक कृषि प्रधान देश होने के बावजूद भी खाद्य तेल व दालों का आयात क्यों करता है? स्पष्ट कीजिए।
उत्तर : 1) अधिक जनसंख्या के कारण बढ़ती मांग ।
2) दालों की प्रति हेक्टेयर उत्पादकता कम होगा।
3) अन्य फसलों की तुलना में कम लाभ देने वाली फसलें होने के कारण।
4) भारतीय व्यंजनों में अधिक खाद्य तेल का उपयोग।