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class 10 political science chapter 3 solution hindi

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अध्याय -3
“लोकतंत्र और विविधता”

स्मरणीय बातें :-
1. समरूप समाज – एक ऐसा समाज जिसमें सामुदायिक, सांस्कृतिक या जातीय विभिन्नताएँ ज्यादा गहरी नहीं होती।
2. एफ्रो अमेरिकी – उन अफ्रीकी लोगों की संतान जिन्हें 17वीं सदी में अमेरिका में लाकर गुलाम बनाया गया था।
3. नस्लभेद – किसी देश अथवा समाज में नस्ल के आधार पर कुछ लोगों को नीच या हीन समझना।
4. रंगभेद – रंग के आधार पर भेदभाव करना।
5. दलित – भारत के निर्धन, भूमिहीन और सामाजिक व आर्थिक रूप से पिछड़े हुए लोग।
6. अश्येत शक्ति आंदोलन – नस्ल आधारित भेदभाव के उन्मूलन के लिए अमेरिका में 1966 से 1975 के बीच चलाया गया हिंसक आंदोलन।
7. प्रवासी – अस्थाई तौर पर आर्थिक अवसरों के लिए दूसरे देशों या नगरों में जाकर बसने वाले लोग।
8. विभाजित समाज – एक ऐसा समाज जिसमें सामुदायिक, सांस्कृतिक या
जातीय विभिन्नताएँ बहुत गहरी होती हैं।
9. बहुल समाज – विभिन्न विचारों एवं पंधो वाला समाज।
10. अपवर्जक भेदभाव – समाज के किसी वर्ग या जाति से दूरी बनाए रखना या अपने समूह से निष्कासित करना।
11.अलगाववाद – एक क्षेत्र या जन-समूह का अपने बड़े समूह या देश से अलग होकर स्वतंत्र अस्तित्व बनाने की इच्छा।

1 अंक वाले प्रश्न :-

1. 1968 ई. में ओलंपिक खेल का आयोजन कहाँ हुआ था ?

उत्तर :- मैक्सिको


2. टॉमी स्मिथ और जॉन कार्लोस कौन थे? उन्होंने किस खेल में पदक जीते थे?

उत्तर :- एफ़ो-अमरीकी, 200 मीटर के दौड़ में


3. अमेरिका में नागरिक अधिकार आंदोलन का मुख्य उद्देश्य क्या था?

उत्तर :- नस्ल आधारित भेदभाव की समाप्ति।


4. अमेरिका में नागरिक अधिकार आंदोलन किसके नेतृत्व में चलाए गए थे?

उत्तर :- मार्टिन लुथर किंग जूनियर।


5. मैक्सिको ओलंपिक में टॉमी स्मिथ द्वारा पहना गया काला मफलर जेसा परिधान किस बात का प्रतीक था?

उत्तर :- अश्वेत शक्ति का।


6. वह कौन सा ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी था जिसने टॉमी स्मिथ और जॉन कार्लोस के समर्थन में विरोध जताया था?

उत्तर :- पीटर नार्मन।

7. यूगोस्लाविया के विभाजन का मुख्य आधार क्या था?

उत्तर :- धार्मिक और जातीय विभाजन।


8. श्रीलंका में किस तरह के सामाजिक विभेद हैं?

उत्तर :- भाषाई एवं धार्मिक।


9. समरूप समाज का अस्तित्व किस देश में है?

उत्तर :- जर्मनी और स्वीडन।


10. आयरलैण्ड में किस किस धर्म के अनुयायी रहते हैं ?

उत्तर :- कैथोलिक और प्रोटेस्टेंट।


11. स्मिथ और कार्लोस का ओलंपिक पदक वापस क्यों ले लिया गया था?

उत्तर :- राजनीतिक बयान देने के कारण जो ओलंपिक भावना के विरूद था।


12. हाल में ही किस यूनिवर्सिटी ने अपने कैम्पस में स्मिथ, कार्लोस और नार्मन की मूर्तियों लगवाई हैं?

उत्तर :- सैन होज़ स्टेट यूनिवर्सिटी।

13. किस देश में धर्म और वर्ग में गहरी समानता है ?

उत्तर :- उत्तरी आयरलैंड।

14. उत्तरी आयरलैंड की आबादी में प्रोटेस्टेट और कैथोलिकों का प्रतिशत कितना है?

उत्तर :- 53 प्रतिशत एवं 44 प्रतिशत

3/5 अंक वाले प्रश्न :-

1. सामाजिक भेदभाव की उत्पत्ति के दो प्रमुख कारण बताइए?

उत्तर :- 1) जन्म पर आधारित – हम सिर्फ इस आधार पर उस समुदाय के सदस्य हो जाते हैं जिसमें हमारा जन्म हुआ है।
2) पसंद या चुनाव पर आधारित – जैसे धर्म, व्यवसाय खेल इत्यादि का चुनाव हम अपनी पसंद से करते हैं।
3) सोचने के अलग अलग ढंग।

2. भारत में भिन्नताओं को दर्शाने वाले प्रमुख तत्वों का उल्लेख कीजिए।

उत्तर :- 1) जातीय भिन्नता – आर्य, अनार्य, मंगोल, गुगल, पारसी आदि।
2) भाषाओं की भिन्नता – 22 अनुसूचित भाषाएँ और 1500 अन्य भाषाएँ भारत में बोली जाती है।
3) धर्म की भिन्नता – हिन्दू धर्म, सिक्ख, ईसाई, बौच्च, इस्लाम आदि।

3. सामाजिक विभाजनों की राजनीति के परिणाम तय करने वाले तीन कारकों को लिखिए?

उत्तर :- 1) लोगों में अपनी पहचान के प्रति आग्रह की भाबना।
2) राजनीतिक दलों का संविधान के दायरे में रहकर कार्य करना।
3) सरकार विभिन्न सामाजिक वर्गों के प्रति कैसा रूख अपनाती है।
4) लोकतंत्र शासन की एक ऐसी पद्धति है, जिसमें जनता अपने चुने हुए प्रतिनिधियों के द्वारा शासन करती है।


4. लोकतंत्र से आप क्या समझते हैं। यह कितने प्रकार का होता है? संक्षेप में बताइए।,

उत्तर :- लोकतंत्र के प्रकार ।-
1) प्रत्यक्ष लोकतंत्र – जिसमें जनता स्वयं शासन में भागीदार होती है। जैसे- स्विटजरलैंड के कुछ कैन्टन।
2) अप्रत्यक्ष लोकतंत्र – इसमें जनता अपने चुने हुए प्रतिनिधियों के द्वारा शासन चलाती है। जैसे – भारत।


5. “सामाजिक विभाजन हमेशा खतरनाक नहीं होते हैं।” अपने उत्तर के पक्ष में तर्क दीजिए।

उत्तर :- 1) उत्तरी आयरलैंड और नीदरलैंड दोनों ईसाई बहुल देश है तथा प्रोटेस्टेंट और कंघोलिक खेमें में बंटे हैं।
2) उत्तरी आयरलैंड में धर्म और वर्ग के बीच गहरी समानता है। यहाँ का कैथोलिक समुदाय गरीच है तथा लंबे समय से भेदभाव के शिकार हैं।
3) नीदरलैंड में कैथोलिक और प्रोटेस्टेंट दोनों ही समान रूप से अमीर और गरीब हैं। इसलिए वहाँ कोई भेदभाव नहीं है।
4) आयरलैंड में कैथोलिक और प्रोटेस्टेंट के बीच भारी मारकाट चलती है

6. टॉमी स्मिथ और जॉन कार्लोस ने 1968 के मैक्सिको ओलपिक खेल में, संयुक्त राज्य अमेरिका में होने वाले रंगभेद के मसले के प्रति अंतर्राष्ट्रीय
बिरादरी का ध्यान किस प्रकार आकर्षित किया?

उत्तर :- 1) बिना जूतों के केवल मोजे पहनकर अश्वेतों की गरीबी को दर्शाया।
2) स्मिथ ने अश्वेत लोगों के आत्मगौरव को बताने के लिए अपने गले में काला मफलर पहना था।
3) कार्लोस ने मारे गए अश्वेतों की याद में काले मनकों की एक माला पहनी थी।
4) काले दसताने और बंधी हुई मुठ्ठियों के द्वारा अश्वेत शक्ति को दर्शाया।

7. सामाजिक अंतर कब और कैसे सामाजिक विभाजनों का रूप ले लेते हैं?

उत्तर :- 1) जब कुछ सामाजिक अंतर दूसरी अनेक विभिन्नताओं से ऊपर और बड़े हो जाते हैं।
2) अमेरिका में श्वेत और अश्वेत के बीच भारी अंतर है जो सामाजिक विभाजन का मुख्य कारण है।
3) जब एक तरह का सामाजिक अंतर अन्य अंतरों से ज्यादा महत्वपुर्ण बन जाता है।

8. विभिन्नताओं में सामंजस्य व टकराव में अंतर स्पष्ट करें।

उत्तर :- सामंजस्य :-
1) इसके अंतर्गत सामाजिक विभिन्नताओं में एकता दिखाई देती है।
2) इसमें लोग यह महसूस करने लगते हैं कि वे विभिन्न समुदायों से
संबंध रखते हैं।
3) इससे गहरी सामाजिक विभाजन की संभावना घट जाती है।
4) जैसे- अमेरिका में श्वेत और अश्वेत का अंतर।

टकराव:-
1) इसके अंतर्गत सामाजिक विभिन्नताओं से टकराव उत्पन्न होता है।
2) इसमें कई समूह एक मुद्दे पर समान नजरिया रखते हैं तो दूसरे मुद्दे पर उनके नजरियों में अंतर हो जाता है।
3) इसमें सामाजिक विभाजन की संभावना बढ़ जाती है।
4) जैसे- नीदरलैंड में वर्ग और धर्म के बीच ऐसा मेल नहीं दिखाई देता है

9. अमेरिका में नागरिक अधिकार आंदोलन के विकास का वर्णन कीजिए।

उत्तर :- 1) द्वितीय विश्व युद्ध के बाद अमेरिका में नस्लीय भेदभाव बढ़ गया।
2) अश्वेत लोगों पर अनेक प्रकार के प्रतिबंध लगा दिए गए थे।
3) 1980 के दशक में अमेरिका में लगभग 33 प्रतिशत काले लोग, 20 प्रतिशत हिस्पानी और 12 प्रतिशत श्वेत गरीब एवं बेघर थे।
4) 1950 के दशक में नागरिक अधिकारों के लिए शक्तिशाली आंदोलन हुए!
5) 1954 में वहाँ के सर्वोच्च न्यायालय ने ‘अलग परंतु समान’ के सिद्धांत को अस्वीकार कर दिया।
6) नस्लीय भेदभाव के विरूद्ध मार्टिन लूथर किंग जूनियर के नेतृत्व में आंदोलन चलाया गया।
7) 1960 के दशक में कानून बनाकर इस भेदभाव को खत्म किया गया।

10. लोकतंत्र में, सामाजिक विभाजनों की प्रत्येक राजनीतिक अभिव्यक्ति अनर्थकारी नहीं होती।” इस कथन की सत्यता को स्थापित कीजिए?

उत्तर :- 1) राजनीति और सामाजिक विभाजनों का मेल खतरनाक और विस्फोटक लगता है। किसी ना किसी तरह का विभाजन राजनीतिक शक्ल अख्तियार कर लेता है।
2) सामाजिक विभाजन जब राजनीतिक विभाजन में बदलता है तो देश विखंडन की तरफ जाता है।
3) उत्तरी आयरलैंड लंबे समय से जातीय हिंसा और राजनीतिक टकराव की गिरफ्त में रहा। लेकिन राजनीति में सामाजिक विभाजन की हर अभिव्यक्ति फूट पैदा नहीं करती।
4) लोकतंत्र में राजनीतिक दल सामाजिक विभाजनों की बात कर समुदायों को उचित प्रतिनिधित्व देते हैं। नीतियाँ बनाना भी इसी
कड़ी का हिस्सा है।
5) कई बार राजनीतिक दल एक ही समुदाय के हित में कार्य करती हैं पर देश में विखंडन नहीं होता है।

प्रश्न अभ्यास
पाठ्यपुस्तक से


प्रश्न 1. सामाजिक विभाजनों की राजनीति के परिणाम तय करने वाले तीन कारकों की चर्चा करें।

उत्तर :- सामाजिक विभाजनों की राजनीति का परिणाम तीन चीजों पर निर्भर करता है

1. लोगों में अपनी पहचान के प्रति आग्रह की भावना – यदि लोग खुद को सबसे विशिष्ट और अलग मानने लगते हैं। तो उनके लिए दूसरों के साथ तालमेल बैठाना बहुत मुश्किल हो जाता है। यदि लोग अपनी बहुस्तरीय पहचान के प्रति सचेत हैं और उन्हें राष्ट्रीय पहचान का हिस्सा या सहयोगी मानते हैं तब कोई समस्या नहीं होती। जैसे-बेल्जियम के लोगों में भाषायी विभिन्नता के बावजूद वे अपने को बेल्जियाई ही मानते हैं। इससे उन्हें देश में साथ-साथ रहने में मदद मिलती है। भारत में भी लोग स्वयं को पहले भारतीय मानते हैं फिर किसी प्रदेश, क्षेत्र या धार्मिक, सामाजिक समूह का सदस्य।
2. राजनीतिक दलों की भूमिका – दूसरा महत्त्वपूर्ण तत्व है कि किसी समुदाय की माँगों को राजनीतिक दल कैसे उठा रहे हैं। संविधान की सीमाओं में आने वाली और दूसरे समुदाय को नुकसान न पहुँचाने वाली माँगों को मान लेना आसान है। श्रीलंका में केवल सिंहलियों के लिए ही काम करने की नीति तमिल समुदाय की पहचान और हितों के खिलाफ़ थी।
3. सरकार का रुख-सरकार इन माँगों पर क्या प्रतिक्रिया व्यक्त करती है, यह महत्त्वपूर्ण है। यदि शासन सत्ता में
साझेदारी करने को तैयार हो और अल्पसंख्यक समुदाय की उचित माँगों को पूरा करने का प्रयास ईमानदारी से किया जाए तो सामाजिक विभाजन मुल्क के लिए खतरा नहीं बनते । यदि शासन राष्ट्रीय एकता के नाम पर किसी ऐसी माँग को दबाना शुरू कर देता है तो अकसर उल्टे और नुकसानदेह परिणाम ही निकलते हैं। ताकत के दम पर एकता बनाने की कोशिश विभाजन की ओर ले जाती है।

इस प्रकार लोकतंत्र में सामाजिक विभाजन की राजनीतिक अभिव्यक्ति एक सामान्य बात है और यह एक स्वस्थ राजनीति का लक्षण भी हो सकता है। राजनीति में विभिन्न तरह के सामाजिक विभाजनों की अभिव्यक्ति ऐसे विभाजनों के बीच संतुलन पैदा करने का काम भी करती है। इस स्थिति में लोकतंत्र मज़बूत ही होता है।

प्रश्न 2. सामाजिक अंतर कब और कैसे सामाजिक विभाजनों का रूप ले लेते हैं?

उत्तर :- हर सामाजिक भिन्नता सामाजिक विभाजन का रूप नहीं लेती। सामाजिक अंतर लोगों के बीच बँटवारे का एक बड़ा कारण जरूर होता है किंतु यही अंतर कई बार अलग-अलग तरह के लोगों के बीच पुल का काम भी करती है। सामाजिक विभाजन तब होता है जब कुछ सामाजिक अंतर दूसरी अनेक विभिन्नताओं से ऊपर और बड़े हो जाते हैं। अमेरिका में श्वेत और अश्वेत का अंतर एक सामाजिक विभाजन भी बन जाता है क्योंकि अश्वेत लोग आमतौर पर गरीब हैं, बेघर हैं, भेदभाव के शिकार हैं। हमारे देश में भी दलित आमतौर पर गरीब और भूमिहीन हैं। उन्हें भी अक्सर भेदभाव और अन्याय का शिकार होना पड़ता है। जब एक तरह का सामाजिक अंतर अन्य अंतरों से ज्यादा महत्त्वपूर्ण बन जाता है और लोगों को यह महसूस होने लगता है कि वे दूसरे समुदाय के हैं तो इससे एक सामाजिक विभाजन की स्थिति पैदा होती है।


प्रश्न 3. सामाजिक विभाजन किस तरह से राजनीति को प्रभावित करते हैं? दो उदाहरण भी दीजिए।

उत्तर :- सामाजिक विभाजन और राजनीति का मेल काफी खतरनाक और विस्फोटक हो सकता है। लोकतंत्र में विभिन्न राजनीतिक दलों में प्रतिद्वन्द्विता का माहौल होता है। इस प्रतिद्वन्द्विता के कारण कोई भी समाज फूट का शिकार बन सकता है। यदि राजनीतिक दल इन विभाजनों के हिसाब से राजनीतिक होड़ करने लगें तो इससे सामाजिक विभाजन राजनीतिक विभाजन में बदल जाएगा। ऐसा कई देशों में हो चुका है, जैसे-आयरलैंड इसका एक उदाहरण है। यह ग्रेट ब्रिटेन का एक हिस्सा है। इसमें काफी समय तक हिंसा, जातीय कटुता रही है। यहाँ की मुख्य आबादी ईसाई है किंतु उनमें से 53 फीसदी आबादी प्रोटेस्टेंट है जबकि 44 फीसदी रोमन कैथोलिक। कैथोलिकों को प्रतिनिधित्व नेशनलिस्ट पार्टियाँ करती हैं। उनकी माँग है। कि उत्तरी आयरलैंड को आयरलैंड गणराज्य के साथ मिलाया जाए। प्रोटेस्टेंट लोगों का प्रतिनिधित्व यूनियनिस्ट पार्टियाँ करती हैं जो ग्रेट ब्रिटेन के साथ ही रहने के पक्ष में हैं। 1998 में ब्रिटेन की सरकार और नेशनलिस्टों के बीच शांति समझौता हुआ। जिसमें दोनों पक्षों ने हिंसक आंदोलन बंद करने की बात की।

यूगोस्लाविया भी इसका एक उदाहरण है। वहाँ धार्मिक और जातीय विभाजन के आधार पर शुरू हुई राजनीतिक होड़ में यूगोस्लाविया कई टुकड़ों में बँट गया।

इन उदाहरणों से लगता है कि किसी देश में यदि सामाजिक विभाजन है तो उसे राजनीति में अभिव्यक्त नहीं होने देना चाहिए। किंतु राजनीति में सामाजिक विभाजन की हर अभिव्यक्ति फूट पैदा नहीं करती। लोकतंत्र में राजनीतिक दलों के लिए सामाजिक विभाजनों की बात करना तथा विभिन्न समुदायों की उचित माँगों और जरूरतों को पूरा करने वाली नीतियाँ बनाना भी इसी कड़ी का हिस्सा है। अधिकतर देशों में मतदान के स्वरूप और सामाजिक विभाजनों के बीच एक प्रत्यक्ष संबंध दिखाई देता है। इसके तहत एक समुदाय के लोग आमतौर पर किसी एक दल को दूसरों के मुकाबले ज्यादा पंसद करते हैं और उसी को वोट देते हैं। कई देशों में ऐसी पार्टियाँ हैं जो सिर्फ एक ही समुदाय पर ध्यान देती हैं और उसी के हित में राजनीति करती हैं पर इन सबकी परिणति देश के विखंडन में नहीं होती।

प्रश्न 4. “”सामाजिक अंतर गहरे सामाजिक विभाजन और तनावों की स्थिति पैदा करते हैं। सामाजिक अंतर सामान्य तौर पर टकराव की स्थिति तक नहीं जाते।

उत्तर :- अन्य अंतरों से महत्त्वपूर्ण सामाजिक अंतर गहरे सामाजिक विभाजन और तनावों की स्थिति पैदा करते हैं। सभी किस्म के सामाजिक अंतर सामान्य तौर पर टकराव की स्थिति तक नहीं जाते।


प्रश्न 5. सामाजिक विभाजनों को सँभालने के संदर्भ में इनमें से कौन-सा बयान लोकतांत्रिक व्यवस्था पर लागू नहीं होता?

(क) लोकतंत्र में राजनीतिक प्रतिद्वन्द्विता के चलते सामाजिक विभाजनों की छाया राजनीति पर भी पड़ती है।
(ख) लोकतंत्र में विभिन्न समुदायों के लिए शांतिपूर्ण ढंग से अपनी शिकायतें जाहिर करना संभव है।
(ग) लोकतंत्र सामाजिक विभाजनों को हल करने का सबसे अच्छा तरीका है।
(घ) लोकतंत्र सामाजिक विभाजनों के आधार पर समाज को विखंडन की ओर ले जाता है।

उत्तर :- (घ) लोकतंत्र सामाजिक विभाजनों के आधार पर समाज को विखंडन की ओर ले जाता है।

प्रश्न 6. निम्नलिखित तीन बयानों पर विचार करें:
(अ) जहाँ सामाजिक अंतर एक-दूसरे से टकराते हैं वहाँ सामाजिक विभाजन होता है।
(ब) यह संभव है कि एक व्यक्ति की कई पहचान हो।
(स) सिर्फ भारत जैसे बड़े देशों में ही सामाजिक विभाजन होते हैं।

इन बयानों में से कौन-कौन से बयान सही हैं?
(क) अ, ब और स (ख) अ और ब (ग) ब और स (घ) सिर्फ स

उत्तर :- (ख) अ और ब सही हैं।


प्रश्न 7. निम्नलिखित बयानों को तार्किक क्रम से लगाएँ और नीचे दिए गए कोड के आधार पर सही जवाब ढूँढ़ें।

(अ) सामाजिक विभाजन की सारी राजनीतिक अभिव्यक्तियाँ खतरनाक ही हों यह जरूरी नहीं है।
(ब) हर देश में किसी-न-किसी तरह के सामाजिक विभाजन रहते ही हैं।
(स) राजनीतिक दल सामाजिक विभाजनों के आधार पर राजनीतिक समर्थन जुटाने का प्रयास करते हैं।
(द) कुछ सामाजिक अंतर सामाजिक विभाजनों का रूप ले सकते हैं।
(क) द, ब, स, अ (ख) द, ब, अ, से (ग) द, अ, स, ब (घ) अ, ब, स, द

उत्तर :- (ख) द, ब, अ, स।

प्रश्न 8. निम्नलिखित में किस देश को धार्मिक और जातीय पहचान के आधार पर विखंडन का सामना करना पड़ा?

(क) बेल्जियम
(ख) भारत
(ग) यूगोस्लाविया
(घ) नीदरलैंड

उत्तर :- (ख) भारत।

प्रश्न 9. मार्टिन लूथर किंग जूनियर के 1963 के प्रसिद्ध भाषण के निम्नलिखित अंश को पढ़े। वे किस सामाजिक विभाजन की बात कर रहे हैं? उनकी उम्मीदें और आशंकाएँ क्या थीं? क्या आप उनके बयान और मैक्सिको ओलंपिक की उस घटना में कोई संबंध देखते हैं, जिसका जिक्र इस अध्याय में था?
मेरा एक सपना है कि मेरे चार नन्हें बच्चे एक दिन ऐसे मुल्क में रहेंगे जहाँ उन्हें चमड़ी के रंग के आधार पर नहीं, बल्कि उनके चरित्र के असल गुणों के आधार पर परखा जाएगा। स्वतंत्रता को उसके असली रूप में आने दीजिए। स्वतंत्रता तभी कैद से बाहर आ पाएगी जब यह हर बस्ती, हर गाँव तक पहुँचेगीहर राज्य और हर शहर में होगी और हम उस दिन को ला पाएँगे जब ईश्वर की सारी संतानें-अश्वेत स्त्री-पुरुष, गोरे लोग, यहूदी तथा गैर-यहूदी, प्रोटेस्टेंट और कैथोलिक-हाथ में हाथ डालेंगी और इस पुरानी नीग्रो प्रार्थना को गाएँगी

‘मिली आजादी, मिली आज़ादी ! प्रभु बलिहारी, मिली आजादी!’ मेरा एक सपना है कि एक दिन यह देश उठ खड़ा होगा और अपने वास्तविक स्वभाव के अनुरूप कहेगा, “हम इस स्पष्ट सत्य को मानते हैं कि सभी लोग समान हैं।”

उत्तर :- मार्टिन लूथर किंग जूनियर अपने भाषण में रंगभेद के आधार पर हुए सामाजिक विभाजन की बात कर रहे हैं। उनको उम्मीद थी कि एक ऐसे देश का, समाज का निर्माण किया जाए जो मनुष्य को उनके रंग के आधार पर नहीं बल्कि उनके गुणों के आधार पर परखे। उनका कहना था कि हम असली स्वतंत्रता तभी प्राप्त कर पाएँगे जब हम जाति, धर्म, रंग और नस्ल के बंधनों से मुक्त हो सकेंगे। हम तभी स्वतंत्र कहलाएँगे जब देश के सभी लोगों को बिना किसी भेदभाव के समान समझा जाएगा।

उनका बयान मैक्सिको ओलंपिक की घटना से संबंधित है। उस घटना के द्वारा भी रंगभेद के विरुद्ध आवाज उठाई गई है तथा इनके भाषण में रंगभेद को गलत ठहराया गया है। दोनों ही घटनाएँ अलग-अलग तरीके से रंगभेद का विरोध कर रही हैं।

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