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Sam1999

Class 12 sociology Indian society chapter 6 notes hindi

अध्याय 6 सांस्कृतिक विविधता की चुनौतियाँ विविधता :-विविधता शब्द असमानताओं के बजाय अंतरों पर बल देता है । जब हम यह कहते है कि भारत एक महान सांस्कृतिक विविधता वाला राष्ट्र है वो हमारा तात्पर्य यह होता है कि यहाँ अनेक प्रकार के सामाजिक समूह… Read More »Class 12 sociology Indian society chapter 6 notes hindi

Class 12 sociology Indian society chapter 5 notes hindi

अध्याय 5 सामाजिक विषमता एवं बहिष्कार के स्वरूप सामाजिक विषमता व बहिष्कार :-सामाजिक विषमता व बहिष्कार हमारे दैनिक जीवन में प्राकृतिक व वास्तविकता है । प्रत्येक समाज में हर व्यक्ति की सामाजिक प्रस्थिति एक समान नहीं होती है । समाज में कुछ लोगों के पास… Read More »Class 12 sociology Indian society chapter 5 notes hindi

Class 12 sociology Indian society chapter 4 notes hindi

अध्याय 4 बाज़ार एक सामाजिक संस्था के रूप में बाजार :-एक ऐसा स्थान जहाँ पर वस्तुओं का क्रय-विक्रय होता। बाजार केवल एक आर्थिक संस्था नहीं बल्कि सामाजिक संस्था भी है । साप्ताहिक बाजार :-जो सप्ताह में एक बार लगे नगरों में कहीं कहीं-कहीं साप्ताहिक बाजार… Read More »Class 12 sociology Indian society chapter 4 notes hindi

Class 12 sociology Indian society chapter 3 notes hindi

अध्याय 3 सामाजिक संस्थाएँ : निरंतरता एवं परिवर्तन समुदाय से बना समाज :-जनसंख्या सिर्फ अलग – अलग असंबंधित व्यक्तियों का जमघट नहीं है । परन्तु यह विभिन्न प्रकार के आपस में संबंधित वर्गों व समुदाय से बना समाज है । भारतीय समाज की प्रमुख संस्थाएँ… Read More »Class 12 sociology Indian society chapter 3 notes hindi

Class 12 sociology Indian society chapter 2 notes hindi

अध्याय 2 भारतीय समाज की जनसांख्यिकीय संरचना जनसांख्यिकी :-जनसंख्या का सुव्यवस्थित अध्ययन जनांकिकी कहलाता है । इसका अंग्रेजी पर्याय डेमोग्राफी यूनानी भाषा के दो शब्दों डेमोस – लोग तथा ग्राफीन यानि वर्णन अर्थात् लोगों का वर्णन |इससे जन्म, मृत्यु, प्रवसन, लिंग अनुपात आदि का अध्ययन… Read More »Class 12 sociology Indian society chapter 2 notes hindi

Class 12 sociology Indian society chapter 1 notes hindi

अध्याय 1 भारतीय समाज : एक परिचय समाज :-समाज जो की दो या दो व्यक्ति से अधिक मिलकर बनता है।समाज से आशय एक ऐसी संस्था से है जो सामाजिक संबंधों पर आधारित होती है। ये संबध रीति रिवाज, अधिकार, सहयोग, नियंत्राण आदि तत्वों पर आधारित… Read More »Class 12 sociology Indian society chapter 1 notes hindi

class 12 sociology bhartiya samaj chapter 6 solution hindi

  अध्याय 6 : सांस्कृतिक विविधता की चुनौतियाँ प्र० 1. सांस्कृतिक विविधता का क्या अर्थ है? भारत को एक अत्यंत विविधतापूर्ण देश क्यों कहा जाता है? उत्तर:- • विविधता से तात्पर्य विभिन्नता से है, अवमानना से नहीं। • जब हम यह कहते हैं कि भारत एक… Read More »class 12 sociology bhartiya samaj chapter 6 solution hindi

class 12 sociology bhartiya samaj chapter 5 solution hindi

अध्याय 5: सामाजिक असमानता (विषमता) एवं बहिष्कार के स्वरूप प्र० 1. सामाजिक विषमता व्यक्तियों की विषमता से कैसे भिन्न है? उत्तर:- व्यक्तिगत असमानता से तात्पर्य व्यक्तियों में मानसिक तथा शारीरिक विशेषताओं में विचलन तथा विध्वंस से है। सामाजिक असमानता का अर्थ उस सामाजिक व्यवस्था से है,… Read More »class 12 sociology bhartiya samaj chapter 5 solution hindi

class 12 sociology bhartiya samaj chapter 4 solution hindi

अध्याय 4 : बाजार : सामाजिक संस्था के रूप में प्र०1. ‘अदृश्य हाथ’ से आप क्या समझते हैं? उत्तर:- एडम स्मिथ के अनुसार, “प्रत्येक व्यक्ति अपने लाभ को बढ़ाने की सोचता है और ऐसा करते हुए वह जो भी करता है, स्वतः ही समाज के या… Read More »class 12 sociology bhartiya samaj chapter 4 solution hindi

class 12 sociology bhartiya samaj chapter 3 solution hindi

अध्याय 3 : सामाजिक संस्थाएँ : निरंतरता एवं परिवर्तन प्र० 1. जाति व्यवस्था में पृथक्करण (separation) और अधिक्रम (hierarchy) की क्या भूमिका है? उत्तर- जाति व्यवस्था के सिद्धांतों को दो समुच्चयों के संयोग के रूप में समझा जा सकता है। पहला भिन्नता और अलगाव पर आधारित… Read More »class 12 sociology bhartiya samaj chapter 3 solution hindi