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Sam1999

class 10 kshitij chapter 7 notes

Class 10 kshitij chapter 7 छाया मत छूना notes भावार्थप्रस्तुत कविता में कवि ने मनुष्य को बीते लम्हों की याद ना कर भविष्य की ओर ध्यान देने को कहा है। कवि कहते हैं कि अपने अतीत को याद कर किसी मनुष्य का भला नही होता… Read More »class 10 kshitij chapter 7 notes

Class 10 kshitij chapter 6 notes

Class 10 kshitij chapter 6 यह दंतुरित मुस्कान और फसल notes यह दंतुरित मुस्कानइस कविता में कवि ने नवजात शिशु के मुस्कान के सौंदर्य के बारे में बताया है। कवि कहते हैं की शिशु की मुस्कान इतनी मनमोहक और आकर्षक होती है की किसी मृतक… Read More »Class 10 kshitij chapter 6 notes

class 10 kshitij chapter 5 notes

Class 10 kshitij chapter 5 उत्साह और अट नहीं रही notes उत्साहप्रस्तुत कविता एक आह्वाहन गीत है। इसमें कवि बादल से घनघोर गर्जन के साथ बरसने की अपील कर रहे हैं। बादल बच्चों के काले घुंघराले बालों जैसे हैं। कवि बादल से बरसकर सबकी प्यास… Read More »class 10 kshitij chapter 5 notes

class 10 kshitij chapter 4 notes

Class 10 kshitij chapter 4 आत्मकथ्य notes व्याख्यामधुप गुनगुनाकर कह जाता कौन कहानी अपनी यह,मुरझाकर गिर रहीं पत्तियाँ देखो कितनी आज घनी।इस गंभीर अनंत-नीलिमा में असंख्य जीवन-इतिहासयह लो, करते ही रहते हैं अपने व्यंग्य मलिन उपहासतब भी कहते हो-कह डालूँ दुर्बलता अपनी बीती ।तुम सुनकर… Read More »class 10 kshitij chapter 4 notes

class 10 kshitij chapter 3 notes

Class 10 kshitij chapter सवैया और कवित्त notes सवैयापाँयनि नूपुर मंजू बजै, कटि किंकिनि कै धुनि की मधुराई ।सांवरे अंग लसै पट पीत, हिय हुलसै बनमाल सुहाई।माथे किरीट बड़े दृग चंचल, मंद हँसी मुख चन्द जुन्हाईजै जग-मंदिर- दीपक सुंदर, श्रीबजदूलह ‘देव’ सहाई।।भावार्थ – प्रस्तुत पंक्तियों… Read More »class 10 kshitij chapter 3 notes