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Class 10 kshitij chapter 1 notes

class 10 kshitij chapter 1 notes

Class 10 kshitij chapter 1 पद notes (1)उधौ, तुम हौ अति बड़भागी।अपरस रहत सनेह तगा तैं, नाहिन मन अनुरागीपुरइनि पात रहत जल भीतर, ता रस देह न दागी।ज्यौं जल माहँ तेल की गागरि, बूँद न ताकौँ लागी ।प्रीति-नदी में पाँव न बोरयौ, दृष्टि न रूप… Read More »class 10 kshitij chapter 1 notes