Class 10 kshitij chapter 3 notes
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Class 10 kshitij chapter सवैया और कवित्त notes सवैयापाँयनि नूपुर मंजू बजै, कटि किंकिनि कै धुनि की मधुराई ।सांवरे अंग लसै पट पीत, हिय हुलसै बनमाल सुहाई।माथे किरीट बड़े दृग चंचल, मंद हँसी मुख चन्द जुन्हाईजै जग-मंदिर- दीपक सुंदर, श्रीबजदूलह ‘देव’ सहाई।।भावार्थ – प्रस्तुत पंक्तियों… Read More »class 10 kshitij chapter 3 notes