2) विश्व जनसंख्याः वितरण, घनत्व और वृद्धि
प्र० 1. नीचे दिए गये चार विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए।
(i) निम्नलिखित में से किस महाद्वीप में जनसंख्या वृद्धि सर्वाधिक है?
(क) अफ्रीका
(ख) एशिया
(ग) दक्षिण अमेरिका
(घ) उत्तर अमेरिका
(ii) निम्नलिखित में से कौन-सा एक विरल जनसंख्या वाला क्षेत्र नहीं है?
(क) अटाकामा
(ख) भूमध्यरेखीय प्रदेश
(ग) दक्षिण-पूर्वी एशिया
(घ) ध्रुवीय प्रदेश
(ii) निम्नलिखित में से कौन-सा एक प्रतिकर्ष कारक नहीं है?
(क) जलाभाव
(ख) बेरोजगारी
(ग) चिकित्सा/शैक्षणिक सुविधाएँ
(घ) महामारियाँ
(iv) निम्नलिखित में से कौन-सा एक तथ्य सही नहीं है?
(क) विगत 500 वर्षों में मानव जनसंख्या 10 गुना से अधिक बढ़ी है।
(ख) विश्व जनसंख्या में प्रतिवर्ष 8 करोड़ लोग जुड़ जाते हैं।
(ग) 5 अरब से 6 अरब तक बढ़ने में जनसंख्या को 100 वर्ष लगे।
(घ) जनांकिकीय संक्रमण की प्रथम अवस्था में जनसंख्या वृद्धि उच्च होती है।
उत्तर:
(i) (क) अफ्रीका
(ii) (ख) दक्षिण-पूर्वी एशिया
(iii) (ग) चिकित्सा/शैक्षणिक सुविधाएँ ।
(iv) (घ) जनांकिकीय संक्रमण की प्रथम अवस्था में जनसंख्या वृद्धि उच्च होती है।
प्र० 2. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 30 शब्दों में दीजिएः
(i) जनसंख्या के वितरण को प्रभावित करने वाले तीन भौगोलिक कारकों का उल्लेख कीजिए।
उत्तर:
जनसंख्या के वितरण को प्रभावित करने वाले तीन भौगोलिक कारकों में भू-आकृतियाँ, जलवायु तथा मृदाएँ हैं। ऊबड़-खाबड़ व उच्च भूमियों की तुलना में लोग समतल व मैदानी भागों में अधिक निवास करते हैं। इसी तरह विषम जलवायु की तुलना में सम जलवायु प्रदेशों में जनसंख्या का उच्च घनत्व पाया जाता है तथा उपजाऊ मृदाएँ कृषि कार्यों के लिए आवश्यक हैं, अतः बंजर भूमियों की तुलना में उपजाऊ भूमियों में अधिक जनसंख्या निवास करती है।
(ii) विश्व में उच्च जनसंख्या घनत्व वाले अनेक क्षेत्र हैं। ऐसा क्यों है?
उत्तर:
विश्व के जिन क्षेत्रों की जलवायु मानव व मानवीय क्रियाओं के अनुकूल है, भूमि समतल व उपजाऊ है तथा जल व खनिज प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हैं वहाँ जनसंख्या का उच्च घनत्व पाया जाता है। संयुक्त राज्य अमेरिका का | उत्तर-पूर्वी भाग, यूरोप का उत्तर-पश्चिमी भाग तथा दक्षिण, दक्षिणी पूर्वी व पूर्वी एशिया में उच्च जनसंख्या घनत्व के यही कारण हैं।
(iii) जनसंख्या परिवर्तन के तीन घटक कौन-से हैं?
उत्तर:
जनसंख्या परिवर्तन के तीन घटक-जन्मदर, मृत्युदर तथा प्रवास हैं।
(क) जन्मदर को प्रति हजार स्त्रियों पर जन्मे जीवित बच्चों की गणना निम्नानुसार करके ज्ञात करते हैं:
(ख) किसी क्षेत्र विशेष में किसी वर्ष विशेष के दौरान प्रति हजार जनसंख्या पर मृतकों की संख्या को निम्नानुसार गणना करके ज्ञात करते हैं:
(ग) प्रवास मनुष्य और संसाधनों के बीच बेहतर संतुलन स्थापित करने की दिशा में उठाया गया कदम है। इसके अंतर्गत लोग प्रतिकर्ष कारकों के कारण एक स्थान को छोड़ देते हैं तथा अपकर्ष कारकों के कारण दूसरे स्थान पर जाकर बस जाते हैं। इस तरह दोनों स्थानों की जनसंख्या में परिवर्तन होता है।
प्र० 3. अंतर स्पष्ट कीजिए
(i) जन्मदर और मृत्युदर
उत्तर:
जन्मवर-इसे प्रति हजार स्त्रियों पर जन्मे जीवित बच्चों की संख्या की गणना द्वारा निम्न गणितीय सूत्र से करके ज्ञात करते हैं
जन्मदर किसी क्षेत्र विशेष की जनसंख्या वृद्धि के लिए उतरदायी तीन महत्त्वपूर्ण घटकों में से एक है।
मृत्युवर – किसी क्षेत्र विशेष में किसी वर्ष विशेष की समयावधि में प्रति हजार जनसंख्या पर मृतकों की संख्या की गणना निम्नानुसार करके ज्ञात करते हैं
मृत्युदर किसी क्षेत्र विशेष की जनसंख्या वृद्धि को नियंत्रित करने वाले कारकों में से एक माना जाता है।
(ii) प्रवास के प्रतिकर्ष कारक और अपकर्ष कारक
उत्तर:
(i) प्रवास के प्रतिकर्ष कारक-प्रतिकर्ष कारक लोगों को स्थान को छोड़ने के लिए बाध्य करते हैं, जहाँ वह लम्बे समय से रह रहे होते हैं।
(ii) बेरोजगारी, जीवनयापन की निम्न दशाएँ, राजनीतिक अस्थिरता व उपद्रव, प्रतिकूल जलवायु, प्राकृतिक आपदाएँ, महामारियाँ व जल की कमी, ऊबड़-खाबड़ उच्च भूमियाँ लोगों के प्रतिकर्ष का कारण बनती हैं। अपकर्ष कारक – रोजगार के बेहतर अवसर, जीवनयापन की अच्छी दशाएँ, शांति व सुरक्षा, अनुकूल जलवायु, जल की उपलब्धता, समतल उपजाऊ भूमि, शिक्षा व स्वास्थ्य सेवाओं का विकास आदि ऐसे कारक किसी स्थान पर आप्रवास का कारण बनते हैं। विश्व के ऐसे स्थान लोगों को स्थायी रूप से बसने के लिए आकर्षण का केन्द्र होते हैं।
प्र० 4. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 150 शब्दों में दीजिए
(i) विश्व में जनसंख्या के वितरण और घनत्व को प्रभावित करने वाले कारकों की विवेचना कीजिए।
उत्तर:
विश्व की जनसंख्या, जो कि 600 करोड़ से अधिक है, असमान रूप से वितरित अथवा बसी हुई है। विश्व के कुछ क्षेत्र सघन बसे हुए हैं तो कहीं बहुत ही विरल रूप से बसे हैं। भूमि के किस भाग पर कितने लोग बसे हैं, इसे जानने के लिए जनसंख्या घनत्व का आकलन किया जाता है। जिससे प्रति वर्ग किमी० में बसने वाले व्यक्तियों की संख्या का पता चलता है। जनसंख्या के वितरण और घनत्व के प्रारूप से हमें किसी क्षेत्र की जनांकिकीय विशेषताओं को समझने में मदद मिलती है। विश्व की जनसंख्या का 90% इसके 10% स्थल भाग पर निवास करता है। शेष 10% जनसंख्या इसके 90% स्थल भाग में निवास करती है। जिस छोटे भूभाग पर 90% जनसंख्या निवास करती है वहाँ के संसाधनों का दोहन तेजी से होता है। संसाधनों की कमी आगे चलकर कई प्रकार की सामाजिक-आर्थिक, सांस्कृतिक समस्याओं को जन्म देती है। फिर भी लोग उन्हीं क्षेत्रों में रहना पसंद करते हैं। जनसंख्या के वितरण व घनत्व को निम्नलिखित कारक प्रभावित करते हैं।
1. भौतिक अथवा भौगोलिक कारक
2. आर्थिक कारक
3. सामाजिक-सांस्कृतिक कारक
1. भौतिक अथवा भौगोलिक कारक – भौगोलिक कारकों में निम्नलिखित को शामिल किया जाता है
(क) विश्व के समतल मैदानी भागों में ऊबड़-खाबड़, पहाड़ी व पठारी भागों की अपेक्षा अधिक लोग निवास करते हैं। मैदानी भागों में कृषि, जल-सिंचाई, यातायात, व्यापार तथा जीवन-निर्वाह की समस्त सुविधाओं के कारण घनी आबादी (जनसंख्या) मिलती है।
(ख) जलवायु-तापमान व वर्षा जनसंख्या के वितरण व घनत्व पर स्पष्ट प्रभाव डालते हैं। विश्व के जिन क्षेत्रों में सम जलवायु है वहाँ विषम जलवायु की अपेक्षा अधिक लोग निवास करते हैं। अधिक तापमान तथा अधिक शीतल प्रदेश जैसे मरुस्थल व ध्रुवीय प्रदेश लगभग मानव विहीन हैं। जिन क्षेत्रों में वर्षा व तापमान सामान्य है तथा अनुकूल जलवायु है वहाँ जनसंख्या का अधिक घनत्व है।
(ग) मृदाएँ-कृषियोग्य गहरी उपजाऊ मिट्टियों में अधिक जनसंख्या के भरण-पोषण की क्षमता होती है। नदी घाटियों में उपजाऊ जलोढ़ मिट्टी बिछी होती है। अतः अनेक प्राचीन सभ्यताओं का विकास भी इन नदी घाटियों में ही हुआ है। यहाँ कृषि के लिए उपजाऊ मिट्टी की प्रचुरता तो है ही, मीठे स्वच्छ जल के स्रोत भी यही नदियाँ हैं। अतः विश्व की सभी नदी घाटियों में सघन जनसंख्या का घनत्व देखने को मिलता है।
(घ) जल-स्रोत-झीलें व नदियाँ मीठे जल के मुख्य स्रोत हैं जबकि सागर व महासागरीय जल खारा होने के कारण उपयोगी नहीं है। विश्व की प्राचीन सभ्यताओं का विकास नदी घाटियों में इसलिए हुआ क्योंकि वहाँ पीने व सिंचाई के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध था। आज भी नदी घाटियों व मीठे जल की झीलों के आसपास जनसंख्या का उच्च घनत्व मिलता है।
2. आर्थिक कारक – विश्व के जिन भूभागों/क्षेत्रों में खनिजों के प्रचुर भंडार हैं वहाँ उद्योगों का विकास हुआ है तथा जहाँ समतल उपजाऊ भूमियाँ हैं वहाँ कृषि का विस्तार हुआ है। ऐसे क्षेत्रों में लोगों को रोजगार के अवसर सुलभ होते हैं तथा अन्य आर्थिक क्रियाएँ जैसे यातायात वे परिवहन की सुविधाएँ, बैंकिग व वाणिज्यिक गतिविधियाँ स्वतः ही विकसित हो जाती हैं। अतः इन क्षेत्रों में नगरीकरण को बढ़ावा मिलता है। और लोगों के बसने के लिए अपकर्ष का कारण होते हैं। धीरे-धीरे ही सही, ऐसे क्षेत्र आगे चलकर उच्च जनसंख्या घनत्व को केंद्र बनते हैं।
3. सामाजिक-सांस्कृतिक कारक-विश्व के कुछ क्षेत्रों का विकास सामाजिक-सांस्कृतिक केंद्रों के रूप में होता है। प्राचीन काल से ही कुछ नगर धार्मिक आस्था के कारण, राजनीतिक गतिविधियों के कारण वाणिज्यिक गतिविधियों के कारण, जीवन व सम्पत्ति की सुरक्षा की दृष्टि से, सैन्य दृष्टि से तथा सांस्कृतिक गतिविधियाँ, शिक्षा, स्वास्थ्य व मनोरंजन की सुविधाओं के चलते महत्त्वपूर्ण हो जाते हैं और लोगों को बसने के लिए आकर्षित करते हैं। इस तरह वहाँ मेगा नगरों का विकास हो जाता है। विश्व के सर्वाधिक सघन
बसे हुए ऐसे ही नगर व नगर क्षेत्र हैं जहाँ जनसंख्या का घनत्व सर्वोच्च है।
(ii) जनांकिकीय संक्रमण की तीन अवस्थाओं की विवेचना कीजिए।
जनांकिकीय संक्रमण सिद्धांत-यह सिद्धांत हमें बताता है कि जैसे-जैसे समाज ग्रामीण, खेतिहर और अशिक्षित अवस्था से उन्नति करके नगरीय, औद्योगिक और साक्षर बनता जाता है तो उस प्रदेश की जनसंख्या उच्च जन्म व उच्च मृत्युदर से निम्न जन्म तथा निम्न मृत्युदर की ओर अग्रसर होती जाती है। इन परिवर्तनों की तीनों अवस्थाओं को जनांकिकीय चक्र के रूप में जाना जाता है।
प्रथम अवस्था – इस अवस्था में उच्च प्रजननशीलता व उच्च मर्त्यता देखी जाती है, क्योंकि लोग महामारियों व भोजन की अनिश्चित आपूर्ति से होने वाली मृत्युओं की क्षतिपूर्ति अधिक पुनरुत्पादन से करते हैं। इस अवस्था में जीवन प्रत्याशा (किसी व्यक्ति के जीने की आशा) निम्न होती है। अधिकांश लोग सामाजिक-आर्थिक पिछड़ेपन के कारण अशिक्षित होते हैं। प्रौद्योगिकी का स्तर निम्न अथवा आदिम होता है। अधिकांश लोग प्राथमिक क्रियाओं में लगे होते हैं। कृषि कार्य मुख्य व्यवसाय होता है तथा आखेट, वस्तु संग्रहण वनों से मिलने वाले उत्पादों का संग्रहण व पारिवारिक कार्य जैसे-चटाई बुनना, टोकरी बनाना, मिट्टी के बर्तन बनाना, शहद व लकड़ी एकत्रित करना, पशुपालन, लकड़ी की वस्तुएँ बनाना व लोहार का कार्य आदि व्यवसायों से धनोपार्जन करते हैं। अब से 200 वर्ष पहले तक सभी देश व समाज इसी अवस्था में थे।
द्वितीय अवस्था – इस अवस्था में प्रजननशीलता उच्च बनी रहती है। यद्यपि समय के साथ-साथ यह घटती जाती है। इस अवस्था में मृत्युदर का कम होना महत्त्वपूर्ण पक्ष होता है। स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार व स्वच्छता के स्तर में सुधार से मर्त्यता (मृत्युदर) में कमी आती है। लोगों का रुझान शिक्षा की ओर होने लगता है तथा तकनीकी विकास का प्रारंभ होने से लोगों में महामारियों से लड़ने का जज्बा विकसित होने व पौष्टिक भोजन के कारण यह परिवर्तन होता है। यह अवस्था विकासशील देशों में देखने को मिलती है। इन देशों में वृद्धि दर ऊँची होती है जिसका कारण उच्च जन्मदर तथा घटती मृत्युदर है।
तृतीय अवस्था – इस अवस्था में प्रजननशीलता और मृत्युदर (मर्त्यता) दोनों ही तेजी से घट जाती हैं। इसलिए जनसंख्या या तो स्थिर हो जाती है या मंद गति से बढ़ती है, विकसित राष्ट्रों में जहाँ अधिकांश जनसंख्या शिक्षित है तथा प्रौद्योगिकी के विकास का स्तर बहुत ऊँचा है। अधिकांश जनसंख्या द्वितीय व तृतीयक आर्थिक क्रियाओं में लगी है। कृषि व अन्य प्राथमिक क्रियाओं में बहुत कम लोग लगे हैं। उनमें भी सभी कार्य मशीनों से किए जाते हैं। जीवनयापन का स्तर बहुत ऊँचा है। ऐसी जनसंख्या विचारपूर्वक परिवार के आकार को नियंत्रित करती है। अतः यहाँ जनसंख्या की वृद्धि दर बहुत निम्न है। इस दर पर कुछ विकसित राष्ट्रों को अपनी जनसंख्या दोगुनी करने में 318 वर्ष लगेंगे तो कुछ कभी भी इसे दोगुनी नहीं कर पाएंगे।
एक अंक वाले प्रश्न
प्रश्न 1 जनसंख्या घनत्व किसे कहते हैं। ?
उत्तर : प्रति इकाई क्षेत्रफल पर निवास करने वाले व्यक्तियों की औसत संख्या को
जनसंख्या घनत्व कहते हैं। इसकी गणना
निम्न प्रकार की जाती है।
घनत्व = कुल जनसंख्या
कुल क्षेत्रफल
प्रश्न 2. जनसंख्या की वास्तविक वृद्धि की गणना कैसे की जाती है ?
उत्तर : जनसंख्या की वास्तविक वद्धि की गणना दिए गए सूत्र द्वारा की जा सकती
है। जनसंख्या की वास्तविक वृद्धि = (जन्म-मृत्यु) + (आप्रवास-उत्प्रवास)
प्रश्न 3. जनसंख्या वृद्धि दर का अर्थ स्पष्ट कीजिए।
उत्तर : जनसंख्या वृद्धि दर का अर्थ किसी क्षेत्र में निश्चित समय अवधि में जनसंख्या में होने वाले परिवर्तन से है। इसे प्रतिशत में व्यक्त किया जाता
प्रश्न 4. जनसंख्या की ऋणात्मक वृद्धि कब होती है ?
उत्तर : यदि दो समय अन्तराल के बीच जनसंख्या कम हो जाए । तो उसे जनसंख्या की ऋणात्मक वृद्धि कहते हैं। यह तब होती है जब जन्म-दर-मृत्यु-दर से कम हो जाए या लोग अन्य देशों में प्रवास कर जाएँ।
प्रश्न 5. जनांकिकीय संक्रमण सिद्धान्त का क्या उपयोग है ?
उत्तर : जनांकिकीय संक्रमण सिद्धान्त का उपयोग किसी क्षेत्र की जनसंख्या का वर्णन करने तथा भविष्य की जनसंख्या के पूर्वानुमान के लिए किया जा सकता है।
प्रश्न 6. किसी प्रदेश की मृत्यु दर किस प्रकार प्रभावित होती है ?
उत्तर : किसी प्रदेश की मृत्यु दर वहाँ की जनांकिकीय संरचना /सामाजिक /असामाजिक उन्नति/ आर्थिक विकास के स्तर द्वारा प्रभावित होती है।
प्रश्न 7. जनसंख्या वृद्धि एंव आर्थिक विकास में ऋणात्मक संबंध होता है। स्पष्ट कीजिए ।
उत्तर : विकसित देशों में विकासशील देशों की तुलना में जनसंख्या वृद्धि कम है।
जो जनसंख्या वृद्धि और आर्थिक विकास में ऋणात्मक संबंध को स्पष्ट करती है।
प्रश्न 8. एशिया की जनसंख्या के सम्बन्ध में जार्ज क्रेसी की टिप्पणी क्या हैं?
उत्तर : “एशिया में बहुत अधिक स्थानों पर कम लोग और कम स्थानों पर बहुत अधिक लोग रहते है।
प्रश्न 9. विश्व में जनसंख्या की वर्तमान वार्षिक वृद्धि दर (2004-2005) क्या है?
उत्तर : विश्व जनसंख्या की वर्तमान वार्षिक वृद्धि दर .4 प्रतिशत है।
प्रश्न 10जनांकिकीय संक्रमण सिद्धान्त की प्रथम अवस्था के दो महत्वपूर्ण लक्षण बताइए ?
उत्तर : उच्च प्रजननशीलता तथा उच्च मत्यता।
प्रश्न 11. विश्व में किस देश की जनसंख्या की वृद्धि दर सर्वाधिक है ?
उत्तर : लाईबेरिया (82 प्रतिशत)
प्रश्न 12. विश्व में किस देश की वृद्धि दर सबसे कम है ?
उत्तर : लेटविया (15 प्रतिशत
प्रश्न 13 विकासशील (अफ्रीका) देशों में जीवन प्रत्याशा कम क्यों है ?
उत्तर : एचआईवी./एड्स जैसी जानलेवा बीमारियों के कारण।
प्रश्न 14. जनांकिकीय चक्र क्या है?
उत्तर: जैसे ही समाज ग्रामीण खेतीहर और अशिक्षित अवस्था से उन्नति करके
नगरीय औद्योगिक व साक्षर बनता है वहाँ भी जनसंख्या उच्च जन्मदर व उच्च मृत्युदर से निम्न जन्मदर व निम्न मृत्युदर में परिवर्तित हो जाती है। ये परिवर्तन विभिन्न अवस्थाओं में होते है। इन्हें जनांकिकीय चक्र कहते हैं।
प्रश्न 15. ‘जनसंख्या वितरण की परिभाषा लिखिए।
उत्तर : जनसंख्या वितरण शब्द का अर्थ भूपृष्ठ पर वितरित लोगों के स्वरूप से है।
प्रश्न 16. विश्व में कौन से देश अपनी जनसंख्या दो गुना करने में अधिक समय ले रहे हैं ?
उत्तर : विकसित देश।
प्रश्न 17. जनसंख्या की घनात्मक वृद्धि कब होती है ?
उत्तर : जनसंख्या की धनात्मक वृद्धि तब होती है जब दो समय अन्तरालों के बीच
जन्म-दरमृत्यु दर से अधिक हो या जब अन्य देशों से लोग स्थायी रूप से उस देश में प्रवास करें।
प्रश्न 18. “लोगों की संख्या खाद्य आपूर्ति की अपेक्षा अधिक तेजी से बढ़ती है। जिसका परिणाम अकाल, महामारी तथा युद्ध जैसी विपदाओं के रूप में नजर आता है ।’ जनसंख्या के विषय में यह विचार किस विद्वान का है।
उत्तर : थामस माल्थस का
प्रश्न 19. परिवार नियोजन का मुख्य काम क्या है?
उत्तर : बच्चों के जन्म को रोकना अथवा उसमें अंतराल रखना।
प्रश्न 20. जनसंख्या की अधिकतर वृद्धि विकासशील विश्व में हो रही है जहाँ जनसंख्या विस्फोट हो रहा है। ऐसा क्यों? कारण बताइए।
उत्तर : विकासशील विश्व के देशों ने मृत्युदर पर तो काफी हद तक नियन्त्रण कर
लिया है परन्तु अभी जन्मदर उच्च बनी हुई है इस लिए इन देशों में अधिकतर जनसंख्या वृद्धि हो रही है।
प्रश्न 21. किसी देश का वास्तविक धन क्या होता है ?
उत्तर : उस देश के निवासी ।
प्रश्न 22. किस महाद्वीप में जनसंख्या वृद्धि दर सबसे अधिक है ?
उत्तर : अफ्रीका (2.4%)
प्रश्न 23. जनसंख्या वृद्धि और आर्थिक विकास में कैसा सम्बन्ध होता है ?
उत्तर : ऋणात्मक सह -सम्बन्ध होता है।
प्रश्न 24. विश्व में किन क्षेत्रों / देशों में एड्स के कारण जनसंख्या वृद्धि व जीवन प्रत्याशा कम हुई है ?
उत्तर : अफ्रीका, स्वतंत्र राष्ट्रों के राष्ट्र मंडल के कुछ भाग व एशिया के कुछ भाग ।
प्रश्न 25. माल्थस सिद्धान्त क्या है ?
उत्तर:- थामस सिद्धान्त 1893) के अनुसार लोगों की संख्या खाद्य आपूर्ति की अपेक्षा तेजी से बढ़ेगी। जनसंख्या में वृद्धि का परिणाम अकाल बीमारी तथा युद्ध द्वारा उसमें अचानक गिरावट के रूप में सामने आएगा।
प्रश्न 26किसी देश की जनसंख्या का वितरण व घनत्व क्यों महत्वपूर्ण है ?
उत्तर : जनसंख्या का वितरण व घनत्व उस देश की जनांकिकीय विशेषताओं को
समझने में मदद करते हैं।
तीन अंक वाले प्रश्न
प्रश्न 27. पृथ्वी पर जनसंख्या को इस आकार तक पहुँचने में कई शताब्दियाँ लगी है । आरंभिक कालों में यह धीरे – धीरे बढी परन्तु विगत सौ वर्षों के दौरान जनसंख्या आश्चर्य जनक दर से बढ़ी है ।’ इस कथन के संदर्भ में जनसंख्या वृद्धि की प्रवृति को तीन बिन्दु में स्पष्ट कीजिए
उत्तर : 1). लगभग – 8000 – 12000 वर्ष कृषि के उद्भव व आरम्भ के बाद जनसंख्या का आकार बहुत छोटा था – लगभग 80 लाख थी ।
2). ईसा की पहली शताब्दी में जनसंख्या 30 करोड़ से कम थी।1750 ई. के आसपास औद्योगिक क्रान्ति के समय विश्व की जनसंख्या 55 करोड़ थी।
3).18 वीं शताब्दी में औद्योगिक क्रान्ति के बाद विश्व जनसंख्या में विस्फोटक वृद्धि हुई। प्रौद्योगिकी प्रगति ने मृत्यु दर घटाने व तेजी से जनसंख्या वृद्धि करने में सहायता की।
प्रश्न 28. प्रवास के प्रमुख अपकर्ष कारकों को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर : प्रवास के अपकर्ष कारक गंतव्य स्थान को उदगम स्थान की अपेक्षा अधिक
आकर्षक बनाते हैं। ये कारक निम्न हैं :
1) काम के बेहतर अवसर
2) रहन-सहन की अच्छी दशाएँ
3) शान्ति व स्थायित्व
4) अनुकूल जलवायु
5) जीवन व सम्पत्ति की सुरक्षा
प्रश्न 29. प्रवास के प्रमख प्रतिकर्ष कारकों को स्पष्ट कीजिए ।
उत्तर : प्रवास के प्रतिकर्ष कारक उदगम स्थान को उदासीन स्थल बनाते है। इन कारणों की वजह से लोग इस स्थान को छोड़कर चले जाते है। ये प्रमुख कारक निम्न है।
1) रहन – सहन की निम्न दशाएँ
2) राजनैतिक परिस्थितियाँ
3) प्रतिकूल जलवायु
4) प्राकृतिक विपदाएँ
5) महामारियाँ
6) आर्थिक पिछड़ापन
प्रश्न 30. जनसंख्या परिवर्तन के तीन प्रमुख कारकों को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर : जनसंख्या परिवर्तन के तीन प्रमुख घटक निम्न है।
1) जन्मदर :- अशोधित जन्म दर को प्रति हजार स्त्रियों द्वारा जन्म दिए जीवित बच्चों के रूप में व्यक्त किया जाता है। इसके उच्च होने या निम्न होने का जनसंख्या परिवर्तन से सीधा संबंध है।
2) मृत्युदर :- मृत्युदर भी जनसंख्या परिवर्तन में सक्रिय भूमिका निभाती है। जनसंख्या वृद्धि केवल बढ़ती जन्मदर से ही नहीं होती। अपितु घटती मृत्युदर से भी होती है।
3) प्रवास :- प्रवास के द्वारा जनसंख्या के आकार में परिवर्तन होता । है इसके अन्तर्गत उद्गम स्थान को छोड़कर जाना व गंतव्य स्थान पर जाकर बसना दोनों सम्मिलित है। प्रवास स्थायी व मौसमी दोनों
प्रकार का हो सकता है। यह जनसंख्या परिवर्तन में योगदान देता है |
प्रश्न 31किसी क्षेत्र में जनसंख्या वृद्धि व हास के प्रमुख परिणामों को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर : किसी देश की जनसंख्या वृद्धि वहाँ के आर्थिक विकास पर धनात्मक व ऋणात्मक दोनों प्रकार का प्रभाव डाल सकती है।
जनसंख्या वृद्धि से उत्पन्न समस्याएँ :-
1) संसाधनों पर अत्याधिक भार।
2) संसाधनों का तीव्र गति से हास।
3) जनसंख्या के भरण पोषण में कठिनाई।
4) विकास की गति का अवरूद्ध होना।
जनसंख्या हास के परिणाम :-
1) संसाधनों का पूर्ण उपयोग नहीं हो पाता।
2) समाज की आधारभूत संरचना स्वयं ही अस्थिर हो जाती है।
3) देश का भविष्य चिंता व निराशा में डूब जाता है।
प्रश्न 32. विश्व में उच्च जनसंख्या घनत्व वाले प्रमुख क्षेत्रों के नाम बताइए ?
उत्तर : विश्व में उन स्थानों को जहाँ जनसंख्या घनत्व 200 व्यक्ति प्रतिवर्ग कि.मी से अधिक है सधन आबाद या उच्च घनत्व वाले क्षेत्रों में सम्मिलित करते है। संसार में ऐसे चार प्रमुख क्षेत्र है।
1) संयुक्त राज्य अमेरिका का उत्तरपूर्वी भाग
2) यूरोप का उत्तर पश्चिमी भाग
3) दक्षिणी एंव दक्षिणी पूर्वी एशिया
4) नील नदी की घाटी
प्रश्न 33. विज्ञान व प्रौद्योगिकी ने किस प्रकार जनसंख्या वृद्धि में सहायता की है तीन बिन्दुओं में स्पष्ट कीजिए। ‘या ’ जनसंख्या की वृद्धि व नियन्त्रण दोनों परिस्थिति में विज्ञान व प्रौद्योगिकी महत्वपूर्ण
भूमिका निभाते है।
उत्तर : 1) विज्ञान प्रौद्योगिकी ने कृषि व औद्योगिकरण को बढावा दिया जिससे
उत्पादन में वृद्धि हुई तथा जनसंख्या में वृद्धि हुई।
2 ) विज्ञान व प्रौद्योगिकी के बल पर ही भयंकर बीमारियों व संक्रामक रोगों के रोकथाम हुई व मृत्युदर पर नियन्त्रण हुआ।
3) विज्ञान व प्रौद्योगिकी की उन्नति ने लोगों के रहन-सहन की दशाओं में सुधार किया उन्हें आरामदायक बनाया जिससे जनसंख्या में वृद्धि हुई ।
प्रश्न 34. मानसून एशिया में जनसंख्या के उच्च घनत्व के प्रमुख कारण बताइए।
उत्तर : इस क्षेत्र में चीन, भारत,बांगलादेश, जापान, सिंगापुर तथा इण्डोनेशिया व जावा द्वीप प्रमुख है।
• इन क्षेत्रों में मिट्टी उपजाऊ है तथा वर्ष पर्याप्त मात्रा में हो जाती हैं।
• अनुकूल दशाओं के कारण चावल की एक में दो वर्ष तीन फसले उगाई जाती है।
• अधिकतर जनसंख्या कृषि पर आधारित है।
• कहीं-कहीं तो जनसंख्या का घनत्व 400 से 800 व्यक्ति प्रति वर्ग कि.मी. है।
प्रश्न 35. जनसंख्या नियन्त्रण के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिये सरकार क्या तरीके अपना रही है ?
उत्तर : 1) परिवार नियोजन कार्यक्रमों का विस्तार
2) अच्छे गर्भ निरोधकों का प्रचार व सरलता से उपलब्ध कराना।
3) शिक्षा विशेषकर स्त्रियों में शिक्षा का प्रसार
पाँच अंको वाले प्रश्न
प्रश्न 36. विश्व में जनसंख्या के वितरण एंव घनत्व को प्रभावित करने वाले कारकों की विवेचना कीजिए।
या
विश्व में जनसंख्या का वितरण असमान है। इस कथन के संदर्भ में प्रमुख कौन-से कारक जनसंख्या वितरण को प्रभावित करते हैं?
उत्तर : विश्व में जनसंख्या के वितरण को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारक निम्न है
1. प्राकृतिक कारक:-
(क) उच्चावच :- पर्वतीयपठारी अथवा ऊबड़-खाबड़ प्रदेशों में कम लोग रहते हैं जबकि मैदानी क्षेत्रों में लोगों का निवास अधिक होता है क्योंकि इन क्षेत्रों में भूमि उर्वरक होती है और कृषि की जा सकती है।
यही कारण है कि नदी घाटियों जैसे गंगा, ब्रह्मपुत्र, हांग-हो आदि। की घाटियाँ अधिक घनी बसी है।
(ख) जलवायु :- अत्याधिक गर्म या अत्याधिक ठंडे भागों में कम जनसंख्या निवास करती है। ये विरल जनसंख्या वाले क्षेत्र हैं जैसे मरूस्थल व पहाड़ी क्षेत्र मानसून प्रदेशों में अधिक जनसंख्या निवास
करती है – जैसे एशिया के देश।
(ग) मृदा : जनसंख्या के वितरण पर मृदा की उर्वरा शक्ति का बहुत प्रभाव पड़ता है। उपजाऊ मिटटी वाले क्षेत्रों में खाद्यान्न तथा अन्य फसलें अधिक पैदा की जाती हैं तथा प्रति हैक्टेयर उपज अधिक होती है। इसलिए नदी घाटियों की उपजाऊ मिटटी वाले क्षेत्र अधिक घने बसे हैं।
(घ) खनिज पदार्थ :- विषम जलवायु होने पर भी उपयोगी खनिजों की उपलब्धता से लोग वहाँ बसने लगते हैं। उदाहरण के लिए सऊदी अरब के भीषण गर्मी वाले क्षेत्र में खनिज तेज के मिल जाने से अधिक घने बसे हैं। कालगूडीं और कालगूडीं की गर्म जलवायु में सोने की प्राप्ति तथा अलास्का में तेल कुओं की उपलब्धता के कारण वहाँ
अधिक लोग रहते हैं।
(ड) वनस्पति :- अधिक घने वनों के कारण भी जनसंख्या अधिक नहीं पाई जाती है लेकिन कोणधारी वनों की आर्थिक उपयोगिता अधिक है। इसलिए लोग उन्हें काटने के लिए वहाँ बसते हैं।
2) आर्थिक कारक : ।
क) परिवहन का विकास :- परिवहन के साधनों के विकास से लोग दूर के क्षेत्रों से परिवहन के बेहतर साधनों से जुड़ जाते हैं विश्व के सभी परिवहन साधनों से जुड़े क्षेत्र सघन आबाद हैं।
ख) नगरीकरण और औद्योगिक क्षेत्रों में उद्योगों और नगरीय केन्द्रों की वृद्धि एक उच्च जनसंख्या घनत्व को आकर्षित करती है।
3) धार्मिक एंव सांस्कृतिक कारक :-
क) धार्मिक कारक :- धार्मिक कारणों से लोग अपने देश छोड़ने को मजबूर हो जाते है। दूसरे विश्व युद्ध के दौरान यहूदियों को यूरोप छोडकर रेगिस्तान क्षेत्र में नया देश इजराइल बसाना पडा था। इसी प्रकार दक्षिण अफ्रीका में रंगभेद नीति के कारण जनसंख्या का वितरण प्रभावित हुआ है।
ख) राजनैतिक कारक – किसी देश में गृह युद्ध अशान्ति आदि के कारण भी जनसंख्या वितरण पर प्रभाव पड़ता है उदाहरण के लिए फारस की खाडी का युद्ध श्रीलंका में जातीय संघर्ष आदि के कारण जनसख्या का पलायन हुआ।
प्रश्न 37 किसी देश की जनसंख्या तीव्र गति से बढ़ने पर वहाँ आर्थिक विकास पर क्या प्रभाव पड़ता है ?
उत्तर : जनसंख्या की तीव्र वृद्धि के कारण अनेक प्रकार की आर्थिक और सामाजिक समस्याएं उत्पन्न हो जाती है।
1. भोजन की समस्या :- तीव्र गति से जनसंख्या की वृद्धि के कारण भोजन पदार्थों की आवश्यकता की पूर्ति कठिन हो जाती है।
2. आवास की समस्या :- बढ़ती जनसंख्या के कारण निवास स्थानों की कमी होती जा रही है लाखों लोग झुग्गी तथा झोपड़ी में निवास करते हैं।
3. बेरोजगारी: – जनसंख्या वृद्धि के कारण बेरोजगारी एक गम्भीर समस्या के रूप में उभर कर सामने आई है। आर्थिक विकास कम हो जाने से रोजगार के अवसर कम हो जाते हैं और बेरोजगारी बढ़ जाती है।
4. निम्न जीवन स्तर:- के अधिक जनसंख्या के कारण प्रति व्यक्ति आय कम हो जाती है इसलिए स्तर गिर जाता ।
5. जनसंख्या का कृषि पर अधिक दबाव:- बढ़ती जनसंख्या को खाद्यान्नों की पूर्ति करने के लिए कृषि योग्य भूमि पर दबाव बढ़ जाता है ।
6. बचत में कमी :- जनसंख्या वृद्धि के कारण कीमतें बढ़ जाती है तथा बचत कम होती है।
7. स्वास्थ्य :- नगरों में गन्दगी बढ़ जाती है स्वास्थ्य और सफाई का स्तर नीचे गिर जाता है।
प्रश्न 38. जनांकिकीय संक्रमण अवस्थाओं को स्पष्ट कीजिए ।
उत्तर : जनांकिकीय संक्रमण सिद्धान्त किसी क्षेत्र की जनसंख्या के वर्णन तथा भविष्य की जनसंख्या के पूर्वानुमान लगाने में मदद करता है। इस सिद्धान्त के अनुसार जैसे जैसे कोई देश या समाज ग्रामीण खेतीहर और अशिक्षित में उन्नति करके नगरीय औद्योगिक और साक्षर बनता है तो उस समाज में उच्च जन्म व उच्च मृत्युदर से निम्न जन्म व निम्न मृत्युदर की लगती है ये परिवर्तन विभिन्न अवस्थाओं में होते हैं। इन्हे सामूहिक रूप से स्थिति आने जनांकिकीय चक्र कहते हैं। ये अवस्थाएँ निम्न प्रकार हैं:-
प्रथम अवस्था : प्रथम अवस्था में उच्च जन्मदर और उच्च मृत्युदर होती है जनसंख्या वृद्धि धीमी होती है और अधिकतम लोग प्राथमिक व्यवसाय में लोग होते हैं। बड़े परिवार संपत्ति माने जाते हैं जीवन प्रत्याशा निम्न होती है।
द्वितीय अवस्था : इस अवस्था में आरंभ में उच्च जन्मदर बनी रहती है। किन्तु समय के साथ घटती है। इस अवस्था में मृत्युदर घट जाती है। जन्मदर व मृत्युदर में अंतर के कारण जनसंख्या तेजी से बढ़ती है। बाद में
घटने लगती है।
तृतीय अवस्था :- इस अवस्था में जन्म दर तथा मृत्युदर बहुत कम हो जाती है। लगभग संतुलन की स्थिति होती है। जनसंख्या या तो स्थिर हो जाती है अथवा बहुत कम वृद्धि होती है। इस अवस्था में जनसंख्या शिक्षित
हो जाती है तथा तकनीकी ज्ञान के द्वारा विचार पूर्वक परिवार के आकार को नियन्त्रित करती है।
प्रश्न 39. विश्व में बहुत अधिक क्षेत्रफल पर बहुत कम लोग व बहुत कम क्षेत्र पर बहुत अधिक लोग रहते है। उदाहरणों सहित इस कथन की पुष्टि करो।
उत्तर :- 1) विश्व के दस सर्वाधिक आबादी वाले देशों में विश्व के 60 प्रतिशत
जनसंख्या निवास करती है। इनमें से छः एशियाई देश है। जिनकी जनसंख्या लगभग 300 करोड़ है।
2) संयुक्त राज्य अमेरिका का पूर्वी भाग यूरोप का उत्तरी पश्चिमी भाग दक्षिणी , दक्षिणी पूर्वी एशिया के क्षेत्र सर्वाधिक घनत्व वाले क्षेत्र है। जहां 200 व्यक्ति प्रति वर्ग
कि. मी से भी अधिक लोग रहते हैं।
3). उत्तरी व दक्षिणी ध्रुवों के निकट, उष्ण व शीत मरूस्थल व अधिक वर्षा वाले स्थानों की जनसंख्या घनत्व 1 व्यक्ति प्रति वर्ग
कि. मी से भी कम है।
4). उत्तरी गोलार्ध में जनसंख्या अधिक तथा दक्षिणी गोलार्द्ध में कम है। क्योंकि द . गोलार्ध में स्थल भाग कम है।
5). संसार की अधिकांश जनसंख्या 5° उत्तरी अक्षांश से 45॰ उत्तरी अक्षांश के मध्य ही निवास करती हैं।