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class 10 geography chapter 6 solution hindi

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अध्याय -6
विनिर्माण उद्योग

याद रखने योग्य बातें :-
1. विनिर्माण – मशीनों द्वारा बड़ी मात्रा में कच्चे माल से अधिक मूल्यवान वस्तुओं के उत्पादन को विनिर्माण कहते हैं।
2. उद्योग – विनिर्माण का विस्तृत रूप उद्योग कहलाता है।
3. आधारभूत उद्योग – ऐसे उद्योग जो दूसरे उद्योगों के लिए अपने तैयार माल को कच्चे माल के रूप में आपूर्ति करते हैं, जैसे लोहा और इस्पात उद्योग।
4. कृषि आधारित उद्योग – कृषि उत्पादों को औद्योगिक उत्पाद में बदलने वाले उद्योग।
5. कुटीर उद्योग – छोटी मशीनों की सहायता से परिवार के द्वारा अपने घर में चलाये जाने वाले उद्योग को कुटीर उद्योग कहते हैं। जैसे – खादी, हस्तकला आदि।
6. लघु उद्योग – वे उद्योग जिन्हें अल्प पूँजी और थोड़े श्रमिकों द्वारा चलाया जाता है।

7. भारी उद्योग – वे उद्योग जो भारी और अधिक स्थान घेरने वाले कच्चे माल का प्रयोग करते हैं। जैसे लोहा और इस्पात उद्योग, चीनी उद्योग, सीमेंट उद्योग आदि।
8. निजी क्षेत्र के उद्योग – किसी एक व्यक्ति या व्यक्तियों के समूह द्वारा संचालित जैसे डाबर, बजाज आदि।
9. सार्वजनिक क्षेत्र के उद्योग – सरकार के स्वामित्व और प्रत्यक्ष नियंत्रण वाले उद्योग। जैसे SAIL, BHEL, GAIL आदि।
10. संयुक्त उद्योग – जो उद्योग राज्य सरकार और निजी क्षेत्र के संयुक्त प्रयास से चलाये जाते हैं। जैसे ऑयल इंडिया लिमिटेड।
11. सहकारी उद्योग – जिनका स्वामित्व कच्चे माल की पूर्ति करने वाले उत्पादकों, श्रमिकों या दोनों के हाथ में होता है। लाभ-हानि का विभाजन भी अनुपातिक होता है। जैसे केरल का नारियल उद्योग और महाराष्ट्र का चीनी उद्योग।
12. विदेशी विनिमय – एक देश की मुद्रा को दूसरे देश की मुद्रा में बदलने की प्रक्रिया को विदेशी विनिमय कहते हैं।
13. विदेशी मुद्रा – मुद्रा का वह माध्यम जिसके द्वारा सरकार दूसरे देश से वस्तुएँ खरीदती व बेचती है।
14. खनिज आधारित उद्योग – जो उद्योग कच्चे माल के रूप में खनिजों का उपयोग करते हैं। जैसे सिलाई मशीन, सीमेंट उद्योग, लोहा एवं इस्पात उद्योग आदि।
15. औद्योगिक रूग्णता (बीमार उद्योग) : – उद्योगों की हानि या उद्योगों का बंद होना।।

1 अंक वाले प्रश्न

1. विनिर्माण किसे कहते हैं?

उत्तर :- कच्चे माल को मूल्यवान उत्पाद में परिवर्तित कर अधिक मात्रा में वस्तुओं के उत्पादन को विनिर्माण कहते हैं।

2. कौन सा कारक किसी उद्योग की अवस्थिति में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है?

उत्तर :- न्यूनतम उत्पादन लागत।

3. विनिर्माण उद्योगों का क्या महत्व है? ।

उत्तर :- विनिर्माण उद्योगों के विकास तथा स्पर्धा से कृषि उत्पादन और वाणिज्य व्यापार को बढ़ावा मिलता है।

4. उद्योगों की स्थापना को प्रभावित करने वाले कारक कौन-कौन से हैं?

उत्तर :- कच्चे माल की उपलब्धता, श्रमिक, पूँजी, बाजार, शक्ति के साधन, वित्तीय संस्थाएँ आदि।

5. आधारभूत उद्योग किसे कहते हैं?

उत्तर :- ऐसे उद्योग जिनके उत्पादन व कच्चे माल पर दूसरे उद्योग निर्भर हैं जैसे लोहा-इस्पात उद्योग, एल्यूमीनियम उद्योग, प्रगलन उद्योग आदि।

6. भारत का कौन सा लोहा इस्पात संयंत्र जर्मनी के सहयोग से स्थापित किया गया है?

उत्तर :- राउरकेला (उड़ीसा)

7. भारत में पहला सफल सूती वस्त्र उद्योग कब व कहाँ लगाया गया था?

उत्तर :- 1854 में मुंबई में।

8. कौन सी एजेंसी सार्वजनिक क्षेत्र में स्टील का बाजार में उपलब्ध करवाती है

उत्तर :- स्टील अथॉरिटी ऑफ इण्डिया लिमिटेड। (SAIL)

9. सीमेंट उद्योग की इकाइयाँ गुजरात में क्यों लगाई गई हैं?

उत्तर :- गुजरात में इस उद्योग को खाड़ी देशों में निर्यात की सुविधाएँ उपलब्ध हैं।

10. भारत में पहला सीमेंट उद्योग कब और कहाँ स्थापित किया गया?

उत्तर :- 1904 में चेन्नई में।

11. भारत की इलैक्ट्रॉनिक राजधानी का नाम लिखिए।

उत्तर :- बैंगलुरू।

12. द्वितीयक क्रियाओं का क्या अर्थ है।

उत्तर :- द्वितीयक क्रियाओं में लगे व्यक्ति कच्चे माल का आकार बदलकर व उसे परिष्कृत वस्तुओं में परिवर्तित करते हैं।

13. कोन से उद्योग में चूना पत्थर को कच्चे माल के रूप में प्रयोग किया जाता है।

उत्तर :- सीमेंट उद्योग।


14. पैराम्बूर किस लिए प्रसिद्ध है?

उत्तर :- रेलगाड़ी व मालगाड़ी के डिब्बे बनाने के लिए।


15. पटसन का सबसे बड़ा उत्पादक देश कौन सा है?

उत्तर :- बांग्लादेश।


16. भिलाई इस्पात कारखाना किस राज्य में है?

उत्तर :- छत्तीसगढ़।


17. वायु प्रदूषण को बढ़ावा देने वाले उद्योगों के नाम बताइए।

उत्तर :- प्रगलन उद्योग, रसायन व कागज़ उद्योग, तेलशोधन शालाएँ, ईंटों के भट्टे।


18. ध्वनि प्रदूषण को बढ़ावा देने वाले उद्योगों के नाम बताइए।

उत्तर :- जेनरेटर, औद्योगिक व निर्माण कार्य, लकड़ी चीरने के कारखाने, विद्युत ड्रिल।

लघु। दीर्घ प्रश्न (3/5 अंक)

1. उद्योगों की अवस्थिति को प्रभावित करने वाले तीन भौतिक कारक बताइए।

उत्तर :- भौतिक कारक
* कच्चे माल की उपलब्धता
* शक्ति के साधन
* अनुकूल जलवायु


2. उद्योगों की अवस्थिति को प्रभावित करने वाले तीन मानवीय कारक बताइए।

उत्तर :- मानवीय कारक
* श्रम
* पूँजी
* बाज़ार
* परिवहन और संचार बैकिंग, बीमा आदि की सुविधाएँ।
* आधारिक संरचना
* उद्यमी
* सरकारी नीतियाँ


3. सार्वजनिक व निजी क्षेत्र के उद्योगों में अन्तर स्पष्ट कीजिए।

उत्तर :- सार्वजनिक क्षेत्र के उद्योग :- वे उद्योग जिनका स्वामित्व राज्य सरकार या केन्द्रीय सरकार के किसी संगठन के पास होता है। जैसे भारतीय रेल, जहाज निर्माण उद्योग, भिलाई और दुर्गापुर लोहा-इस्पात उद्योग आदि।

निजी क्षेत्र के उद्योग :- वे उद्योग जिनका स्वामित्व कुछ व्यक्तियों अथवा फर्मो या कंपनियों के पास होता है। जैसे ब्रिटानिया उद्योग जो ब्रैड और बिस्कुट बनाता है। जमशेदपुर में टिस्को। (टाटा आयरन एंड स्टील कंपनी)


4. भारत में अधिकांश जूट मिले पश्चिम बंगाल में क्यों स्थित हैं?

उत्तर :- * भारत में सबसे अधिक पटसन का उत्पादन पश्चिम बंगाल में होता है।
* इस उद्योग को कच्चे पटसन के निस्तारण के लिए पानी की अधिक आवश्यकता पड़ती है जो हुगली नदी से पर्याप्त मात्रा में मिल जाता है।
* पश्चिम बंगाल, बिहार, उड़ीसा आदि पड़ोसी राज्यों से सस्ते मजदूर भी मिल जाते हैं।
* पटसन की चीजों के निर्यात के लिए कोलकाता का बन्दरगाह है।
* कच्चे माल की मिलों तक सुविधाजनक परिवहन के लिए रेलवे, रोड़वेज और जल परिवहन।
* एक बड़ा शहर होने के कारण कोलकाता बैकिंग बीमा आदि सुविधाएँ उपलब्ध कराता है।


5. विनिर्माण उद्योग को भारत के आर्थिक विकास की रीढ़ की हड्डी क्यों माना जाता है?

उत्तर :- जिस प्रकार शरीर को आकार रीढ़ की हड्डी से मिलता है उसी प्रकार एक देश की अर्थव्यवस्था के आर्थिक विकास का मुख्य आधार विनिर्माण उद्योग हैं।
* कृषि के आधुनिकीकरण में सहायक हैं।
* द्वितीयक तथा तृतीयक सेवाओं में रोजगार उपलब्ध करवाते हैं।
* विदेशी मुद्रा प्राप्त होती है।
* बेरोजगारी और गरीबी को दूर करने में सहायक हैं।
* राष्ट्रीय धन में वृद्धि होती है।
* दैनिक आवश्यकताओं को पूरा करते हैं।

6. भारत में चीनी उद्योग के सम्मुख कौन-कौन सी चुनौतियाँ हैं ?

उत्तर :- * यह उद्योग मौसमी प्रकृति का है, छोटी अवधि का होता है।
* गन्ने का उत्पादन प्रति हैक्टेयर कम है।
* पुरानी मशीनों का होना।
* खोई का अधिकतम इस्तेमाल न कर पाना।
* परिवहन के साधनों के असक्षम होने के कारण गन्ने का समय पर कारखानों में न पहुँचना।


7. ‘कृषि और उद्योग एक दूसरे से अलग नहीं, बल्कि एक दूसरे के पूरक हैं’ स्पष्ट कीजिए।

उत्तर :- कृषि, उद्योगों के लिए बड़ी मात्रा में कच्चा माल जैसे कपास, जूट, गन्ना आदि का उत्पादन करती है।
उद्योग, किसानों को खेती के विकास के लिए उर्वरक, कीटनाशक, खरपतवार नाशक, मशीनें आदि उपलब्ध कराता है। जिससे कृषि उत्पादन
में वृद्धि सम्भव हुई है।
उद्योगों द्वारा कृषि उत्पादों को मण्डी तक पहुँचाना, बेचना काफी आसान हो गया है।

8. भारत में सूती वस्त्र उद्योग के सामने कौन-कौन सी समस्याएँ हैं?

उत्तर :- * पुरानी और परंपरागत तकनीक
* लंबे रेशे वाली कपास की पैदावार का कम होना।
* नई मशीनरी का अभाव।
* कृत्रिम वस्त्र उद्योग से प्रतिस्पर्धा ।
* अनियमित बिजली की आपूर्ति।


9. हमारे देश के लिए सीमेंट उद्योग का विकास अति महत्वपूर्ण है, क्यों ?

उत्तर :- * भवन, फैक्टरियाँ, सड़कें, पुल, बाँध, घर आदि का निर्माण करने के लिए आवश्यक है।
* हमारा सीमेंट उद्योग उत्तम गुणवत्ता वाले सीमेंट का उत्पादन करता है।
* अफ्रीका के देशों में मांग रहती है।


10. भारत में उदारीकरण एवं प्रत्यक्ष विदेशी निवेश ने किस प्रकार मोटरगाड़ी उद्योग में अत्यधिक वृद्धि
की है? स्पष्ट कीजिए।

उत्तर :- * उदारीकरण के पश्चात नए और आधुनिक मॉडल के वाहनों का बाजार बढ़ा है।
* वाहनों की माँग बढ़ी है। कार, स्कूटर, स्कूटी, बाईक ऑटो रिक्शा में अपार वृद्धि हुई है।
* प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के साथ नई प्रौद्योगिकी के उपयोग से यह उद्योग विश्वस्तरीय विकास के स्तर पर आ गया है।
* आज 15 इकाइयाँ कार, 14 इकाइयाँ स्कूटर, मोटरसाइकिल तथा ऑटोरिक्शा का निर्माण करती हैं।


11. भारत का जूट उद्योग किन चुनौतियों का सामना कर रहा है।

उत्तर :- * कृत्रिम रेशों से चीजें बनने लगी हैं।
* कृत्रिम रेशे से बनी चीजें सस्ती होती हैं।
* जूट की खेती पर व्यय बहुत हो जाता है।
* विदेशी स्पर्धा का मुकाबला बाजार में चुनौती के रूप में खड़ा है।
* बांग्लादेश अन्तर्राष्ट्रीय बाजार में चुनौती के रूप में खड़ा है।

12. उद्योगों द्वारा पर्यावरणीय प्रदूषण को कम करने के लिए उठाए गए विभिन्न उपायों का वर्णन कीजिए।

उत्तर :- * प्रदूषित जल को नदियों में न बहाया जाये।
* जल को साफ करके प्रवाहित करना चाहिए।
* जल विद्युत का प्रयोग करना चाहिए।
* ऐसी मशीनरी का प्रयोग करना चाहिए जो कम ध्वनि करे।


13. भारत के सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग का आर्थिक विकास में योगदान का वर्णन कीजिए।

उत्तर :- * रोज़गार उपलब्ध करवाता है।
* विदेशी मुद्रा अर्जित करता है।
* कार्यरत महिलाओं की संख्या में वृद्धि हुई है।
* हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर का निरंतर विकास हो रहा है।
* सॉफ्टवेयर प्रौद्योगिकी पार्क, विशेषज्ञों को एकल विंडो सेवा तथा उच्च आंकड़े संचार सुविधा प्रदान करते हैं।

प्रश्न अभ्यास
पाठ्यपुस्तक से

1. बहुवैकल्पिक प्रश्न
(i) निम्न में से कौन-सा उद्योग चूना पत्थर को कच्चे माल के रूप में प्रयुक्त करता है?
(क) एल्यूमिनियम
(ख) चीनी
(ग) सीमेंट
(घ) पटसन।

(ii) निम्न में से कौन-सी एजेंसी सार्वजनिक क्षेत्र में स्टील को बाजार में उपलब्ध कराती है?
(क) हेल (HAIL)
(ख) सेल (SAIL)
(ग) टाटा स्टील (TATA STEEL)
(घ) एमएनसीसी (MNCC)

(iii) निम्न में से कौन-सा उद्योग बॉक्साइट को कच्चे माल के रूप में प्रयोग करता है?
(क) एल्यूमिनियम
(ख) सीमेंट
(ग) पटसन ।
(घ) स्टील।

(iv) निम्न में से कौन-सा उद्योग दूरभाष, कंप्यूटर आदि संयंत्र निर्मित करते हैं?
(क) स्टील
(ख) एल्यूमिनियम
(ग) इलेक्ट्रॉनिक
(घ) सूचना प्रौद्योगिकी।

उत्तर :- (i) (ग), (ii) (ख), (iii) (क), (iv) (घ)।

2. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 30 शब्दों में दीजिए।
(i) विनिर्माण क्या है?

उत्तर :- कच्चे पदार्थ को मूल्यवान उत्पाद में परिवर्तित कर अधिक मात्रा में वस्तुओं के उत्पादन को वस्तु निर्माण या विनिर्माण कहते हैं; जैसे-लकड़ी से कागज बनाना, गन्ने से चीनी बनाना तथा लौह अयस्क से लोहा इस्पात संयंत्र लगाना आदि। विनिर्माण उद्योग किसी भी देश के विकास की रीढ़ माने जाते हैं, क्योंकि ये कृषि के आधुनिकीकरण के साथ-साथ अन्य उद्योगों के विकास में भी सहायक होते हैं।


(ii) उद्योगों की अवस्थिति को प्रभावित करने वाले तीन भौतिक कारक बताएँ।

उत्तर :- उद्योगों की अवस्थिति को प्रभावित करने वाले भौतिक कारक निम्नलिखित हैं

1. कच्चे माल की उपलब्धता-अधिकांश उद्योग वहीं स्थापित किए जाते हैं जहाँ उनके लिए कच्चा माल आसानी से उपलब्ध हो सके। जैसे-अधिकांश लोहा इस्पात उद्योग प्रायद्वीपीय भारत में ही हैं, क्योंकि वहाँ लोहे की खाने हैं और कच्चा माल आसानी से प्राप्त हो जाता है।
2. शक्ति के विभिन्न साधन-जहाँ उद्योगों को चलाने के लिए शक्ति के विभिन्न साधन प्राप्त हो जाएँगे वहीं उद्योगों | की स्थापना की जाएगी।
3. जेल की सुलभता-विभिन्न उद्योगों के लिए जल की आवश्यकता होती है। जिन क्षेत्रों में जल सुलभता से प्राप्त होता है वहाँ उद्योग स्थापित किए जाते हैं। जैसे-प० बंगाल में जूट मीलें इसलिए स्थापित हैं क्योंकि वहाँ हुगली नदी से पानी मिल जाता है।


(iii) औद्योगिक अवस्थिति को प्रभावित करने वाले तीन मानवीय कारक बताएँ।

उत्तर :- औद्योगिक अवस्थिति को प्रभावित करने वाले तीन मानवीय कारक निम्नलिखित हैं

1. सस्ते श्रमिकों की उपलब्धता-जहाँ विभिन्न उद्योगों में काम करने के लिए सस्ते श्रमिक उपलब्ध होते हैं वहाँ । अधिकांश उद्योग स्थापित किए जाते हैं।
2. संचार एवं परिवहन के साधन-विभिन्न उद्योगों में कच्चा माल पहुँचाने तथा तैयार माल बाजार तक ले जाने के लिए संचार एवं परिवहन के अच्छे साधन जरूरी हैं। जहाँ ये साधन अच्छे होंगे वहाँ अधिकांश उद्योग लगाए जाते हैं।
3. पूँजी व बैंक की सुविधाएँ-विभिन्न उद्योगों को लगाने के लिए बड़ी पूँजी की आवश्यकता होती है। जिन क्षेत्रों में बैंकिंग सुविधाएँ अच्छी होती हैं वहाँ अधिकांश उद्योग खोले जाते हैं।


(iv) आधारभूत उद्योग क्या है? उदाहरण देकर बताएँ।

उत्तर :- वे उद्योग जो केवल अपने लिए ही महत्त्वपूर्ण नहीं हैं बल्कि बहुत से उद्योग इन उद्योगों पर निर्भर करते हैं। इसलिए, ये महत्त्वपूर्ण हैं। ऐसे उद्योगों को आधारभूत उद्योग कहते हैं। जैसे-लोही इस्पात उद्योग एक आधारभूत उद्योग है, क्योंकि अन्य सभी भारी, हल्के और मध्यम उद्योग इनसे बनी मशीनरी पर निर्भर हैं। विभिन्न प्रकार के इंजीनियरिंग सामान, निर्माण सामग्री, रक्षा, चिकित्सा, टेलीफोन, वैज्ञानिक उपकरण और विभिन्न प्रकार की उपभोक्ता वस्तुओं के निर्माण के लिए इस्पात की आवश्यकता होती है।

3. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 120 शब्दों में दीजिए।

(i) संकलित इस्पात उद्योग मिनी इस्पात उद्योगों से कैसे भिन्न है? इस उद्योग की क्या समस्याएँ हैं? किन सुधारों के अंतर्गत इसकी उत्पादन क्षमता बढ़ी है?
  
उत्तर :-  लोहा तथा इस्पात उद्योग एक आधारभूत उद्योग है। ये दो प्रकार के होते हैं-संकलित उद्योग तथा मिनी इस्पात उद्योग। भारत में 10 मुख्य संकलित उद्योग तथा बहुत से छोटे इस्पात संयंत्र हैं। एक संकलित इस्पात संयंत्र बड़ा संयंत्र होता है जिसमें कच्चे माल को एक स्थान पर एकत्रित करने से लेकर इस्पात बनाने, उसे ढालने और उसे आकार देने तक की प्रत्येक क्रिया की जाती है। मिनी इस्पात उद्योग छोटे संयंत्र हैं जिनमें विद्युत भट्टी, रद्दी इस्पात व स्पंज आयरन का प्रयोग होता है। इनमें रि-रोलर्स होते हैं जिनमें इस्पात सिल्लियों का इस्तेमाल किया जाता है। ये हल्के स्टील या निर्धारित अनुपात के मृदु व मिश्रित इस्पात का उत्पादन करते हैं। लोहा इस्पात उद्योग के सामने कई समस्याएँ रही हैं

1. उच्च लागत तथा कोकिंग कोयले की सीमित उपलब्धता
2. कम श्रमिक उत्पादकता
3. ऊर्जा की अनियमित पूर्ति
4. अविकसित अवसंरचना

इन समस्याओं को दूर करके उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए कुछ सुधार करने की आवश्यकता है। निजी क्षेत्र में उद्यमियों के प्रयत्न से तथा उदारीकरण व प्रत्यक्ष विदेशी निवेश ने इस उद्योग को प्रोत्साहन दिया है। ईस्पात उद्योग को
अधिक स्पर्धावान बनाने के लिए अनुसंधान और विकास के संसाधनों को नियत करने की आवश्यकता है।

(ii) उद्योग पर्यावरण को कैसे प्रदूषित करते हैं? ।

उत्तर :-  यद्यपि उद्योगों की भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि व विकास में महत्त्वपूर्ण भूमिका है। उद्योगों ने बहुत-से लोगों को काम दिया है और राष्ट्रीय आय में वृद्धि की है तथापि इनके द्वारा बढ़ते भूमि, वायु, जल तथा पर्यावरण प्रदूषण को भी नकारा नहीं जा सकता। उद्योग चार प्रकार के प्रदूषण के लिए उत्तरदायी हैं-
1. वायु
2. जल
3. भूमि
4. ध्वनि।

1. वायु प्रदूषण – अधिक अनुपात में अनचाही गैसों की उपस्थिति जैसे-सल्फर डाइऑक्साइड तथा कार्बन मोनोऑक्साइड वायु प्रदूषण के कारण हैं। रसायन व कागज उद्योग, ईंटों के भट्ट, तेलशोधनशालाएँ, प्रगलन उद्योग, जीवाश्म ईंधन दहन तथा छोटे-बड़े कारखाने प्रदूषण के नियमों का उल्लंघन करते हुए धुंआ निष्कासित करते हैं। इसका बहुत भयानक तथा दूरगामी प्रभाव हो सकता है। वायु प्रदूषण, मानव स्वास्थ्य, पशुओं, पौधों, इमारतों तथा पूरे पर्यावरण पर दुष्प्रभाव डालते हैं।

2. जल प्रदूषण – उद्योगों द्वारा कार्बनिक तथा अकार्बनिक अपशिष्ट पदार्थों को नदी में छोड़ने से जल प्रदूषण फैलता है। जल प्रदूषण के मुख्य कारक-कागज, लुग्दी, रसायन, वस्त्र तथा रंगाई उद्योग, तेल शोधनशालाएँ, चमड़ा उद्योग हैं जो रंग, अपमार्जक, अम्ल, लवण तथा भारी धातुएँ; जैसे-सीसा, पारा, उर्वरक, कार्बन तथा रबर सहित कृत्रिम रसायन जल में वाहित करते हैं। इसकी वजह से पानी किसी काम योग्य नहीं रहता तथा उसमें पनपने वाले जीव भी खतरे में पड़ जाते हैं।

3. भूमि का क्षरण – कारखानों से निकलने वाले विषैले द्रव्य पदार्थ और धातुयुक्त कूड़ा कचरा भूमि और मिट्टी को भी प्रदूषित किए बिना नहीं छोड़ते हैं। जब ऐसा विषैला पानी किसी भी स्थान पर बहुत समय तक खड़ा रहता है तो वह भूमि के क्षरण का एक बड़ा कारण सिद्ध होता है।

4. ध्वनि प्रदूषण – औद्योगिक तथा निर्माण कार्य, कारखानों के उपकरण, जेनरेटर, लकड़ी चीरने के कारखाने, गैस यांत्रिकी तथा विद्युत ड्रिल ध्वनि-प्रदूषण को फैलाते हैं। ध्वनि प्रदूषण से श्रवण असक्षमता, हृदय गति, रक्तचाप आदि बीमारियाँ फैलती हैं।

5. औद्योगिक बस्तियों का पर्यावरण पर प्रभाव – औद्योगिक क्रांति के कारण गंदी औद्योगिक बस्तियों का निर्माण हो जाता है जिससे सारा इलाका एक गंदी बस्ती में बदल जाता है। चारों तरफ प्रदूषण फैल जाता है और कई प्रकार की महामारियाँ फैल जाती हैं।

(iii) उद्योगों द्वारा पर्यावरण निम्नीकरण को कम करने के लिए उठाए गए विभिन्न उपायों की चर्चा करें।

उत्तर :- उद्योगों द्वारा पर्यावरण निम्नीकरण को कम करने के लिए निम्नलिखित उपाय अपनाए गए हैं

1. नदियों व तालाबों में गर्म जल तथा अपशिष्ट पदार्थों को प्रवाहित करने से पहले उनका शोधन करना चाहिए जिससे जल प्रदूषित न हो।
2. कोयले, लकड़ी या खनिज तेल से पैदा की गई बिजली जो हवा को प्रदूषित करती है, के स्थान पर जल द्वारा पैदा | की गई बिजली का प्रयोग करना चाहिए। ऐसे में वातावरण शुद्ध रहेगा।
3. वायु प्रदूषण को कम करने के लिए कारखानों में ऊँची चिमनियाँ, चिमनियों में एलेक्ट्रोस्टैटिक अवक्षेपण स्क्रबर उपकरण तथा गैसीय प्रदूषक पदार्थों को जड़त्वीय रूप से पृथक करने के लिए उपकरण होना चाहिए। कारखानों में कोयले की अपेक्षा तेल व गैस के प्रयोग से धुंए के निष्कासन में कमी लायी जा सकती है।
4. ध्वनि प्रदूषण को कम करने के लिए जेनरेटरों में साईलेंसर लगाया जा सकता है। ऐसी मशीनरी का प्रयोग तभी किया जाए जो ऊर्जा सक्षम हों तथा कम ध्वनि प्रदूषण करें। ध्वनि अवशोषित करने वाले उपकरणों के इस्तेमाल के साथ कानों पर शोर नियंत्रण उपकरण भी पहनने चाहिए।
5. फैक्ट्रियों से निकले प्रदूषित जल को वहीं इकट्ठा करके रासायनिक प्रक्रिया द्वारा उसे साफ किया जाए और बार बार प्रयोग में लाया जाए। ऐसे में नदियों और आस-पास की भूमि का प्रदूषण काफी हद तक रुक जाएगा।


क्रियाकलाप

उद्योगों के संदर्भ में प्रत्येक के लिए एक शब्द दें ( सांकेतिक अक्षर संख्या कोष्ठक में दी गई है तथा उत्तर अंग्रेजी के शब्दों में हैं ) 

(i) मशीनरी चलाने में प्रयुक्त
(ii) कारखानों में काम करने वाले व्यक्ति
(iii) उत्पाद को जहाँ बेचा जाता है।
(iv) वह व्यक्ति जो सामान बेचता है।
(v) वस्तु उत्पादन
(vi) निर्माण या उत्पादन
(vii) भूमि, जल तथा वायु अवनयन
(5) P…………………..
(6) W…………………
(6) M…………………
(8) R…………………..
(7) P…………………..
(11) M……………….
(9) P…………………..

उत्तर :- (i) POWER
(ii) WORKER
(iii) MARKET
(iv) RETAILER
(v) PRODUCT
(vi) MANUFACTURE
(vii) POLLUTION

प्रोजेक्ट कार्य

अपने क्षेत्र के एक कृषि आधारित तथा एक खनिज आधारित उद्योग को चुनें।
(i) ये कच्चे माल के रूप में क्या प्रयोग करते हैं?
(ii) विनिर्माण प्रक्रिया में अन्य निवेश क्या हैं जिनसे परिवहन लागत बढ़ती है?
(iii) क्या ये कारखाने पर्यावरण नियमों का पालन करते हैं?

उत्तर :-
* एक कृषि-आधारित उद्योग ।
• चीनी उद्योग
(i) गन्ना
(ii) श्रम, पूंजी, बिजली, जल
(iii) कुछ हदतक ये कारखाने पर्यावरण नियमों का पालन करते हैं।

* एक खनिज-आधारित उद्योग
• सीमेंट उद्योग
(i) चूना, पत्थर, सिलिका, एल्यूमिना और जिप्सम
(ii) श्रम, पूंजी, बिजली
(iii) ये कारखाने पर्यावरण नियमों का पालन बिल्कुल नहीं करते हैं।

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